निर्भया गैंगरेप: दोषी की याचिका पर CJI बोले- फांसी से ज्यादा जरूरी कुछ नहीं

सीजेआई एस.ए. बोबडे की पीठ ने कहा कि अगर किसी को फांसी दी जाने वाली है तो इस मामले की सुनवाई से अधिक जरूरी कुछ नहीं हो सकता. बता दें कि दोषी मुकेश कुमार की दया याचिका राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 17 जनवरी को खारिज कर दी थी.

निर्भया गैंगरेप केस के दोषियों में से एक मुकेश सिंह ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रपति द्वारा खारिज किए गए दया याचिका के विरोध में तत्काल सुनवाई की मांग की है. इस पर सीजेआई एस.ए. बोबडे की पीठ ने कहा कि अगर किसी को फांसी दी जाने वाली है तो इस मामले की सुनवाई से अधिक जरूरी कुछ नहीं हो सकता. बता दें कि दोषी मुकेश कुमार की दया याचिका राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 17 जनवरी को खारिज कर दी थी.

सीजेआई एस.ए. बोबडे की पीठ ने दोषी मुकेश कुमार के वकील को सुप्रीम कोर्ट के सक्षम अधिकारी से संपर्क करने को कहा. पीठ में न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत भी थे. सुप्रीम कोर्ट ने मुकेश सहित चारों दोषियों को फांसी की सजा दी है. चारों दोषियों को एक फरवरी को फांसी दी जानी है.

बता दें कि साल 2012 में पैरामेडिकल छात्र से 16 और 17 दिसम्बर की रात को छह व्यक्तियों द्वारा चलती बस में गैंगरेप किया गया था. उसे बाद में दक्षिणी दिल्ली के बस स्टाप पर फेंक दिया गया था. बाद में उसे सिंगापुर के अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसकी उपचार के दौरान ही मौत हो गई थी.

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