Corona: ग्रीन श्मशान में अंतिम संस्कार की मांगी इजाजत, HC का दिल्ली सरकार को नोटिस

NGO ने दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) में एक याचिका दायर कर कहा कि कोरोना बीमारी (Coronavirus) से मरने वाले लोगों के शवों को हरित श्मशान घाट में जलाने की इजाजत दे. इलेक्ट्रिक शवदाहगृह में शव जलाते समय पूरे रीति-रिवाजों का पालन नहीं किया जा सकता है.
Funeral at Green Crematorium, Corona: ग्रीन श्मशान में अंतिम संस्कार की मांगी इजाजत, HC का दिल्ली सरकार को नोटिस

NGO मोक्षदा पर्यावरण और वन संरक्षण समिति की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने दिल्ली सरकार, NDMC समेत सभी सिविक एजेंसी को नोटिस जारी किया है. NGO ने अपनी याचिका में कहा है कि वह हरित श्मशान घाट (Green Crematoriums) का निर्माण करती है और अभी तक 19 हरित श्मशान घाट का निर्माण दिल्ली में कर चुकी है. इनमें से 6 निगमबोध घाट पर हैं जिनमें हर दिन 24 शवों का अंतिम संस्कार किया जा सकता है.

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शवों को हरित श्मशान घाट में जलाने की मांगी इजाजत

दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में कई हरित शवदाहगृह चलाने वाले NGO ने कोरोनावायरस संक्रमण (Coronavirus) से मरने वालों का अंतिम संस्कार करने के लिए अपनी सेवाएं देने की पेशकश की थी. इसके लिए NGO ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर कहा कि जिस तरह हाल ही में कोर्ट ने कोरोना मरीजों के शवों का ठीक तरह से अंतिम संस्कार ना होने पर संज्ञान लेते हुए निर्देश जारी किए थे, उसी तरह कोरोना बीमारी से मरने वाले लोगों के शवों को हरित श्मशान घाट में जलाने की इजाजत दी जाए.

रीति-रिवाजों से हो पाएगा अंतिम संस्कार

NGO की तरफ से पेश वकील गौरव बंसल (Gaurav Bansal) ने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीएन पटेल (D.N. Patel) की बेंच से कहा कि इन श्मशान घाटों में लकड़ी कम लगती हैं. इससे पर्यावरण की रक्षा के साथ ही हिन्दू अपने संस्कार और रीति-रिवाजों से शवों का अंतिम संस्कार कर सकते हैं. वहीं, इलेक्ट्रिक शवदाहगृह में शव जलाते समय पूरे रीति-रिवाजों का पालन नहीं किया जा सकता है.

हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर मामले से संबंधित सभी पक्षों से जवाब दाखिल करने के लिए कहा है. मामले पर अगली सुनवाई 29 जून को होगी.

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