प्रधान सचिव पद छोड़ा, अब जम्‍मू-कश्‍मीर के गवर्नर बनाए जा सकते हैं नृपेंद्र मिश्रा

प्रधानमंत्री के करीबी और पांच साल तक अहम पद संभालने वाले नृपेंद्र मिश्रा जम्मू एवं कश्मीर में इस महत्वपूर्ण पद के दावेदारों में से एक हैं.

नृपेंद्र मिश्रा के प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव के पद को छोड़ने के बाद से उनके अगले कार्यभार को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. उत्तर प्रदेश कैडर के 1977 बैच के नौकरशाह मिश्रा को नए बनाए गए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर का उप-राज्यपाल बनाने की अटकलें हैं. प्रधानमंत्री के करीबी और पांच साल तक अहम पद संभालने वाले मिश्रा जम्मू एवं कश्मीर में इस महत्वपूर्ण पद के दावेदारों में से एक हैं.

केंद्र सरकार राज्य को सामान्य स्थिति में लाने को उत्सुक है और 5 अगस्त से लगाए गए प्रतिबंधों को कम करने की योजना है. वहां विधानसभा चुनाव कराने के अलावा निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन भी एक महत्वपूर्ण कार्य है. मिश्रा को दिल्ली का उपराज्यपाल बनाने की भी चर्चा चल रही है, क्योंकि अगले साल वहां चुनाव होने हैं.

दो सप्‍ताह प्रधान सचिव बने रहेंगे मिश्रा

प्रधान सचिव का पद छोड़ने के अपने फैसले के बाद मिश्रा ने एक बयान में कहा कि अब उनके लिए आगे बढ़ने और सार्वजनिक ध्येय और राष्ट्रीय हित के लिए समर्पित रहने का समय है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिश्रा से दो सप्ताह और अपना काम जारी रखने का अनुरोध किया है. 2014 में भाजपा की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के सत्ता में आने के बाद मिश्रा को मोदी टीम में शामिल किया गया था. वह राजग के 2019 में और भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में लौटने के बाद भी मोदी की प्रमुख टीम में बने रहे.

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