सीनियर को ‘भाई’ कहा तो होगा एक्शन, ओडिशा सरकार का फरमान

आदेश को न मानने के मामले सामने आने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

आपने अक्सर देखा होगा कि सरकारी दफ्तरों में अफसर अपने सीनियर को भाई या भाईसाहब कहकर बुलाते हैं. इससे न सिर्फ उस अफसर की बल्कि सरकारी नौकरियों की तरफ भी लोगों की धारणा बहुत खराब हो जाती है और वह सोचते हैं कि इतनी मेहनत करने के बाद भी अगर उन्हें किसी की चापलूसी करनी पड़े तो इतनी पढ़ाई का क्या फायदा. यही वजह होती है कि युवा सरकारी नौकरियों से दूर जाकर प्राइवेट सेक्टर का दामन थाम लेते हैं.

सरकारी नौकरियों को लेकर इतनी ज्यादा उदासीनता के बीच ओडिशा से एक अच्छी खबर आई है. जी हां, ओडिशा सरकार ने जूनियर अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि वह अपने सीनियर्स को ‘भाई’ या ‘भाईसाहब’ बोलकर संबोधित नहीं करेंगे. इसके पीछे सरकारी दफ्तरों में शिष्टाचार की कमी को एक बड़ा कारण बताया गया.

इस आदेश के अनुसार सीनियर अफसरों के साथ उनका संवाद और काम काज सरकारी कायदे कानूनों के अनुकूल होगा, इसके आगे कुछ भी नहीं. एनिमल हसबेंडरी और वेटरनरी सर्विसेज डिपार्टमेंट के डायरेक्टर रत्नाकर राउत ने अपने डिपार्टमेंट के अफसरों को ये आदेश 16  नवंबर को दिया. इस आदेश में कड़े शब्दों में लिखा गया था कि किसी भी सरकारी कर्मचारी के लिए ये सही तो नहीं है कि वह ड्यूटी पर अपने वरिष्ठ अधिकारी को ‘भाई’ कहकर संबोधित करें. इस आदेश में आगे ये भी लिखा गया कि ऐसा करने से न सिर्फ ओडिशा गवर्नमेंट कंडक्ट रूल्स की अवमानना होती हैं बल्कि ये एक तरह की अधीनता को भी जन्म देता है.

इस आदेश को न मानने के मामले सामने आने पर दोषी अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. ओडिशा की जनता के लिए ये खबर उम्मीद की एक किरण बनकर आई है.