सरकार ने आधा-अधूरा छोड़ दिया था, इस आदमी ने जिंदगी भर की बचत से बनवा डाला ब्रिज

दशक पहले हतादिही ब्लॉक प्रशासन ने ब्रिज बनाने का निर्माण शुरू किया था, लेकिन फंड की कमी के कारण उन्होंने काम को बीच में ही छोड़ दिया था.

भुवनेश्वर: पशु चिकित्सा विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी ने सरकार की नाकामी से परेशान होकर वो कर दिखाया है, जिसके बाद उनकी काफी प्रशंसा हो रही है. ओडिशा के क्योंझर जिले के कानपुर गांव के रहने वाले गंगाधर राउत ने रिटायरमेंट के बाद जो भी सेविंग की हुई थी, उससे एक अधूरे पड़े ब्रिज का निर्माण करा दिया.

यह ब्रिज सालांदी नदी पर बनाया गया है. राउत इस ब्रिज को बनाने के लिए अभीतक 10 लाख रुपए खर्चा कर चुके हैं. जब यह ब्रिज पूरी तरह तैयार हो जाएगा तो यह दो पंचायत इलाकों को एक साथ जोड़ने में सक्षम होगा. जून और जुलाई में इस ब्रिज का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा और इसके लिए राउत दो लाख रुपए और खर्च करने का प्लान कर रहे हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कानुपर गांव के लोग करीब दो दशक से ब्रिज बनवाने की सरकार से मांग कर रहे थे, क्योंकि मोनसून के कारण हटादिही ब्लॉक के कई पंचायत एक दूसरे से कट जाते हैं, जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. इसके कारण उन्हें अपने खेतों तक जाने में भी परेशानी होती थी, जो कि नदी के दूसरी साइड थे.

दशक पहले हतादिही ब्लॉक प्रशासन ने ब्रिज बनाने का निर्माण शुरू किया था, लेकिन फंड की कमी के कारण उन्होंने काम को बीच में ही छोड़ दिया था. जब प्रशासन से कई बार मांग करने के बाद भी उन्होंने इसकी सुद नहीं ली तो गंगाधर राउत ने इस ब्रिज को पूरा करने का जिम्मा उठाने का फैसला लिया. राउत ने पिछले साल मार्च में ब्रिज का निर्माण शुरू किया था, जो कि अब आखिरी पडाव पर है.

आईएएनएस से बातचीत के दौरान गंगाधर राउत ने कहा, “जब मैंने ग्रामीणों को परेशान होते देखा, तो मैने फैसला किया इस ब्रिज को पूरा करने के लिए मैं अपनी पूरा प्रोविडेंट फंड लगा दूंगा. इसमें मेरे परिवार ने मेरा साथ दिया, क्योंकि मेरे दोनों बेटे मुझपर निर्भर नहीं हैं.”

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