जम्मू-कश्मीर के विशेषाधिकार खत्म होने के बाद PM मोदी की ये तस्वीर क्यों हो रही वायरल

जम्मू-कश्मीर के दो टुकड़े कर दिए गए हैं. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अब अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश होंगे.
Article 370, जम्मू-कश्मीर के विशेषाधिकार खत्म होने के बाद PM मोदी की ये तस्वीर क्यों हो रही वायरल

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में संविधान के आर्टिकल 370 को हटाने का प्रस्ताव पेश किया. यह अनुच्छेद जम्मू एवं कश्मीर को विशेष दर्जा देता है. प्रस्ताव के अनुसार, जम्मू एवं कश्मीर को दो हिस्सों में बांट दिया जाएगा. इसमें जम्मू कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश रहेगा, वहीं लद्दाख दूसरा केंद्र शासित प्रदेश होगा.

जम्मू-कश्मीर से  धारा 370 हटाए जाने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और वरिष्ठ नेता राम माधव ने अपने ट्विटर हैंडल से पीएम नरेंद्र मोदी की एक पुरानी फोटो पोस्ट की है. फोटो में प्रधानमंत्री के पीछे एक बैनर लगा है, जिसमें लिखा है- धारा 370 हटाओ, आतंकवाद मिटाओ, देश बचाओ. राम माधव ने फोटो शेयर करते हुए लिखा है, ‘वादा पूरा हुआ.’

उन्होनें कहा कि, ‘ये एक गौरवशाली दिन है. भारत में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी समेत हजारों शहीदों की राज्य के पूर्ण विलय की इच्छाओं का आखिरकार सम्मान हुआ. देश की सात दशक पुरानी मांग आज हमारी आंखों के सामने पूरी हुई. ऐसा होगा क्या कभी सोचा था?’

370 हटाओ बैनर के साथ PM मोदी की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है. अलग-अलग कैप्शन के साथ इसे शेयर किया जा रहा है.

गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में विधानसभा होगी लेकिन लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी. उन्होंने कहा कि यह कदम सीमा पार आतंकवाद के लगातार खतरे को देखते हुए उठाया गया है. उन्होंने कहा कि लद्दाख के लोग लंबे समय से उसे केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग कर रहे थे और यह निर्णय स्थानीय जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए लिया गया है.

ये हैं अनुच्छेद 370 की बड़ी बातें-

  • जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता होती थी.
  • जम्मू-कश्मीर का अपना एक अलग झंडा अलग होता था जिसे राष्ट्रीय ध्वज के साथ फहराया जाता था.
  • जम्मू-कश्मीर की विधानसभा का कार्यकाल 6 साल होता था जबकि बाकी विधानसभाएं 5 साल के लिए चुनी जाती हैं.
  • जम्मू-कश्मीर में बाहर के लोग जमीन नहीं खरीद सकते थे.
  • जम्मू-कश्मीर की कोई महिला भारत के किसी अन्य राज्य के व्यक्ति से शादी कर ले तो उस महिला की जम्मू-कश्मीर की नागरिकता खत्म हो जाती थी.
  • कश्मीर की कोई महिला पाकिस्तान के किसी व्यक्ति से शादी कर ले तो उसके पति को भी जम्मू-कश्मीर की नागरिकता मिल जाती थी.
  • जम्मू-कश्मीर में महिलाओं पर शरियत कानून लागू होता था.
  • कश्मीर में अल्पसंख्यक हिंदुओं और सिखों को 16 फीसदी आरक्षण नहीं मिलता था.
  • जम्मू-कश्मीर में शिक्षा का अधिकार यानि आरटीई लागू नहीं होता था. यहां सीएजी (CAG) भी लागू नहीं था. भारत की सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी यहां अंतिम नहीं माना जाता था.

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