आयकर विभाग की रेड के बाद मचा सियासी घमासान, पढ़िए कमलनाथ से लेकर शिवराज तक के बयान

इनकम टैक्स को रेड के दौरान बड़ी मात्रा में नगदी मिली है. अब इस कार्रवाई पर सियासत गरमा गई है. कांग्रेस, बीजेपी पर बदले की भावना से की गई कार्रवाई बता रही है तो वहीं भाजपा कांग्रेस को भ्रष्टाचार पर घेर रही है.

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में आयकर विभाग की टीमों द्वारा मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों के ठिकानों पर मारे गए. इन छापों में बड़ी मात्रा में नगदी मिलने से अब सियासत गरमा गई है. कांग्रेस, बीजेपी पर बदले की भावना से की गई कार्रवाई बता रही है तो वहीं भाजपा कांग्रेस को भ्रष्टाचार पर घेर रही है.

लोकसभा चुनाव के करीब होने के बीच रविवार तड़के आयकर विभाग के दलों ने एक साथ भोपाल और इंदौर में एक साथ दबिश दी. दोनों स्थानों पर जिन भी लोगों के यहां छापे मारे गए है, वह मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों में गिने जाते है. इनमें ओएसडी प्रवीण कक्कड़ का प्रमुख नाम है. इसके अलावा भोपाल में एक गैर सरकारी संगठन अश्विनी शर्मा, कक्कड़ के करीबी प्रतीक जोशी के यहां भी मारे गए छापों में बड़ी मात्रा में नगदी मिलने की बात सामने आई है.

पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान का बयान
बीजेपी के दिग्गज नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई लेकिन यह कैसा बदलाव, जब पुख्ता सबूतों के आधार पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट कार्रवाई करता है, कैश बरामद हो रहा है, दस्तावेज मिल रहे हैं, संपत्तियों का जखीरा निकल रहा है. मुझे आश्चर्य है कहते हुए कि यहां की सरकार और यहां के मुख्यमंत्री बजाए इस कार्रवाई में सहयोग करने के, आईटी डिपार्टमेंट की कार्रवाई रोकने का प्रयास कर रहे हैं. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अपना काम कर रहा है. संवैधानिक अधिकार है उनका. सीआरपीएफ के जवान लगे हुए थे लेकिन मध्य प्रदेश पुलिस भेज दी जाती है. सीआरपीएफ को काम करने से रोका जाता है, मध्य प्रदेश की पुलिस सीआरपीएफ से उलझती है. क्या यह भ्रष्टाचार को बचाने का प्रयास नहीं है.’

सीएम कमलनाथ का बयान
सीएम कमलनाथ की ओर इस कार्रवाई पर रात्रि में बयान जारी किया है. इसमें कमलनाथ ने कहा कि पूरा देश जानता है कि संवैधानिक संस्थाओं का किस तरह और किन लोगों के खिलाफ और कैसे इस्तेमाल पांच सालों से किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इनका उपयोग कर डराने का कार्य करते हैं. जब इनके पास विकास पर, अपने काम पर कुछ कहने को नहीं रहता है, तो ये विरोधियों के खिलाफ इस तरह के हथकंडे अपनाते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा है कि जब आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को अपनी हार सामने नजर आने लगी, तो इस तरह की कार्रवाई जानबूझकर चुनाव में लाभ लेने के लिए की जाने लगी है. पिछले विधानसभा चुनाव में भी इन्होंने इसी तरह के हथकंडे अपनाए थे.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल का बयान
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा है कि, यह सब केंद्र सरकार के इशारे पर हो रहा है, जब कांग्रेस की सरकार आएगी तो वह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के यहां भी छापे पड़वाएगी.

भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का बयान
वहीं भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि, कांग्रेस एक तरफ तो गलत काम करती है, दूसरी ओर जब उनके खिलाफ कार्रवाई होती है तो राजनीतिक आरोप लगाने लगते हैं. आयकर विभाग अपना काम कर रहा है.

कांग्रेस की प्रवक्ता शोभा ओझा का बयान
कांग्रेस की प्रवक्ता शोभा ओझा केंद्र सरकार पर राजनीतिक विद्वेष पूर्व कार्रवाई किए जाने का आरोप लगा रही हैं. उन्होंने सरकारी एजेंसियों पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि क्या सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग की नजरों में विपक्ष के लोग ही भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, उन्हें चौकीदार और उनकी चोर मंडली का भ्रष्टाचार नजर नहीं आता.

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या येदियुरप्पा की डायरी में भाजपा को दिए गए जिस 1000 करोड़ रुपये का जिक्र था, वह भ्रष्टाचार नहीं था, क्या जेटली और गडकरी को उनके द्वारा दिए गए 150-150 करोड़ रुपये, राजनाथ सिंह को दिए गए 100 करोड़ रुपये भ्रष्टाचार नहीं था, ये कैसा दोहरा मापदंड है.
भाजपा राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट कर कहा, “मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ओएसडी के घर मिली ट्रांसफर उद्योग की काली कमाई से स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस चोर है और इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की चुप्पी बताती है कि वह चोरों के सरदार हैं.”