अगर नहीं मिली मंजूरी, तो होंगी ऑनलाइन और वर्चुअल रामलीला

दिल्ली (Delhi) की ज्यादातर बड़ी रामलीलाओं (Ramlila) की तैयारी 3 महीने पहले ही शुरू कर दी जाती है. इन रामलीलाओं में भव्य स्टेज, आकर्षक गेट, खाने-पीने के सैकड़ों स्टॉल और मनोरंजन के लिए झूले आदि की बड़ी व्यवस्था होती है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 11:57 pm, Sun, 27 September 20

पुरानी दिल्ली की रामलीला (Ramlila) न केवल देशभर में बल्कि विदेशों में भी खासी लोकप्रिय और चर्चित रही हैं. हालांकि इस बार कोरोना (Coronavirus) की वजह से पुरानी दिल्ली की इन परंपराओं पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. लालकिला के आसपास जगह-जगह लगने वाले मेले भी इस बार देखने को नहीं मिलेंगे.

कुछ प्रमुख स्थानों पर प्रतीकात्मक और वर्चुअल (Symbolic and virtual) रामलीलाएं देखने को मिल सकती हैं. दिल्ली में कई रामलीला समितियां कलाकारों के सहयोग से छोटी लीलाओं के मंचन की तैयारी कर रही हैं. वहीं, कुछ जगह तो सालों पुरानी इस परंपरा पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है.

‘कोरोना दहन’ भी किया जाएगा इस बार

कई स्थानों पर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ केवल पुतला दहन का आयोजन किया जाएगा. इस दौरान रावण के साथ-साथ कोरोना का पुतला जलाने की भी तैयारी है. हालांकि रामलीला कमेटियों को अभी इस विषय पर सरकार के फैसले का इंतजार है. लाल किले (Red Fort) के पास तीन बड़ी रामलीलाएं होती हैं. इनमें लव कुश रामलीला, नव श्री धार्मिक रामलीला और धार्मिक परेड ग्राउंड रामलीला शामिल हैं. इसके अलावा यहां 1 दर्जन से ज्यादा छोटे पर्दे वाली रामलीलाएं आयोजित की जाती हैं.

ये भी पढ़ें : भारतीय छात्र ने कोरोना काल में हासिल किए 20 इंटरनेशनल रिसर्च ऑफर

‘नियमों के साथ रामलीला करेंगे जरूर’

‘लव कुश रामलीला (Love Kush Ramlila)’ के सचिव अर्जुन कुमार ने कहा, “रामलीला तो आयोजित की जानी है. अभी हमें दिल्ली पुलिस से NOC नहीं मिली है. जमीन की मंजूरी भी अभी तक नहीं मिल सकी है. लाल किला का यह मैदान आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के तहत आता है. इस भूमि पर रामलीला करने के लिए हम जल्द ही संस्कृति मंत्री और मंत्रालय (Culture Ministry) के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे.”

‘सरकार से करेंगे छूट देने की अपील’

उन्होंने कहा कि ‘बेशक हमें अभी तक मंजूरी नहीं मिली है, लेकिन एक बात तो तय है कि हम तय नियमों का पालन करते हुए रामलीला जरूर करेंगे. इसके लिए वैकल्पिक तरीकों पर भी विचार किया जा रहा है.’ अर्जुन कुमार ने कहा, “मौजूदा नियम के तहत केवल 100 व्यक्ति ही ऐसे किसी कार्यक्रम में इकठ्ठा हो सकते हैं. हम केंद्र सरकार से इसमें कुछ और छूट की अपील करेंगे, इसके साथ ही रामलीला के आयोजन के लिए अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं.”

ये भी पढ़ें : पाकिस्तानी आतंकियों ने फिर की घुसपैठ की कोशिश, सतर्क BSF जवानों ने किया नाकाम

ऑनलाइन प्रसारण पर भी विचार

वहीं, बद्रीनाथ रामलीला कमेटी (Badrinath Ramlila Committee) के आयोजक सुनील सिंह रौतेला के मुताबिक, इस बार रामलीला का आयोजन सोशल डिस्टेंसिंग के साथ 10-20 दर्शकों की मौजूदगी में किया जाएगा. बाकी दर्शकों के लिए रामलीला का प्रसारण ऑनलाइन किए जाने की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है.

इस बार अब तक नहीं हुई तैयारी

बता दें कि दिल्ली की अधिकतर बड़ी रामलीला की तैयारियां 3 महीने पहले ही शुरू कर दी जाती हैं. इन रामलीलाओं में भव्य स्टेज, आकर्षक गेट, खाने-पीने के सैकड़ों स्टॉल और मनोरंजन के लिए झूले आदि की बड़ी व्यवस्था होती है. हालांकि इस बार अभी तक ऐसी कोई तैयारी शुरू नहीं की जा सकी है. (IANS)

ये भी पढ़ें : जामिया मिलिया इस्लामिया में अलग-अलग कोर्सों में प्रवेश प्रक्रिया 10 अक्टूबर से