प्राइवेट सेक्टर चलाएगा केवल 5 फीसदी ट्रेनें, 95 प्रतिशत रेलवे के ही हाथ, नहीं बढ़ेगा किराया

रेलवे जल्द ही तेजस एक्सप्रेस (Tejas Express) की तर्ज पर 151 प्राइवेट ट्रेनों को चलाने जा रहा है. रेलवे ने 109 रूट पर चलने वाली इन ट्रेनों के लिए निजी कंपनियों (Private Companies) से टेंडर मंगाए हैं. फिलहाल देश में IRCTC दो प्राइवेट तेजस ट्रेनें चला रहा है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 9:33 pm, Thu, 2 July 20

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव (Vinod Kumar Yadav) ने इस आशंका को खारिज कर दिया है कि देश में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) द्वारा चलाई जाने वाली प्राइवेट ट्रेनों (Private Trains) में यात्री किराया महंगा होगा. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केवल 5 फीसदी अतिरिक्त ट्रेनें ही प्राइवेट ऑपरेटर्स को दी जा रही हैं. बाकी 95 प्रतिशत ट्रेनें रेलवे द्वारा ही चलाई जाएंगी.

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विनोद कुमार यादव ने कहा कि अभी प्रतियोगिता का समय है, ऐसे में प्राइवेट ट्रेन ऑपरेटर इस तरह ही कोई यात्रा किराया तय नहीं कर सकते, जो AC बसों और एयरप्लेनों में ज्यादा हो. उन्होंने आशा जताई है कि अप्रैल 2023 तक प्राइवेट ट्रेनें देश में चलने लगेंगी.

प्राइवेट ट्रेनों में ड्राइवर्स और गार्ड होंगे रेलवे के

दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए यादव ने साफ तौर पर कहा कि सिर्फ 5 फीसदी अतिरिक्त ट्रेनें ही प्राइवेट ऑपरेटर्स को दी जा रही हैं. उन्होंने कहा, “हम कोशिश कर रहे हैं कि रेलवे में भी आधुनिक कोच का इस्तेमाल किया जाए. उन्होंने साफ किया कि रेलवे की सुरक्षा की जिम्मेदारी भारतीय रेलवे की होगी. इसी के साथ इन प्राइवेट ट्रेनों में ड्राइवर्स और गार्ड रेलवे के होंगे. सिर्फ कोच का ऑपरेशन प्राइवेट ऑपरेटर्स देखेंगे.”

सभी लोगों के लिए ट्रेन बर्थ की व्यवस्था कराने की कोशिश

यादव ने बताया कि पिछले 70 सालों में रेलवे में ढांचागत (Infrastructure) विकास पर ध्यान नहीं दिया गया, जितना पिछले 6 सालों में दिया गया है. उनका कहना था, “अभी 13.3 फीसदी रिजर्वेशन कंफर्म नहीं हो पाता है. हम कोशिश कर रहे हैं कि सभी लोगों को ट्रेन बर्थ मिले.” उन्होंने बताया कि एक आकलन के मुताबिक, 2019 में 8.4 करोड़ यात्रियों ने ट्रेन से यात्रा की. 2030 में यह आंकड़ा 13 करोड़ होने की संभावना है जबकि 2040 तक 18 करोड़ लोग ट्रेन के जरिये यात्रा कर लेंगे. ऐसे में रेलवे में ढांचागत विकास और जरूरी इंतजाम करना जरूरी है.

यात्रियों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं और सुरक्षा

बता दें कि रेलवे जल्द ही तेजस एक्सप्रेस (Tejas Express) की तर्ज पर 151 प्राइवेट ट्रेनों को चलाने जा रहा है. रेलवे ने 109 रूट पर चलने वाली इन ट्रेनों के लिए निजी कंपनियों से टेंडर मंगाए हैं. फिलहाल देश में IRCTC दो प्राइवेट तेजस ट्रेनें चला रहा है.

रेल मंत्रालय के मुताबिक, प्राइवेट ट्रेन चलाने से जहां कई लोगों को रोजगार मिलेगा, वहीं यात्रियों को आने-जाने में कम समय लगेगा. इतना ही नहीं, यात्रियों को बढ़िया सुरक्षा और विश्वस्तरीय सुविधाएं भी मिलेंगी. यह पहली बार है कि जब रेलवे ने प्राइवेट कंपनियों से भी ट्रेन चलाने के लिए बोली मंगाई हैं. ये ट्रेनें रेलवे के 12 जोन में चलाई जाएंगी.

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