ऑपरेशन भारतवर्ष: भारत के इतिहास का सबसे बड़ा खुलासा जारी है

टीवी 9 भारतवर्ष पर देश का सबसे बड़ा खुलासा जारी है. कैश के दम पर कैसे लोकतंत्र के चीथड़े उड़ते हैं खुद देखिए.
operation bharatarsh, ऑपरेशन भारतवर्ष: भारत के इतिहास का सबसे बड़ा खुलासा जारी है

टीवी 9 भारतवर्ष पर आज़ाद भारत के इतिहास का सबसे बड़ा खुलासा हो रहा है. सुबह दस बजे से लेकर रात दस बजे तक भारतीय राजनीति का वो सच सामने आ रहा है जो देश को हिलाकर रख देगा. ऑपरेशन भारतवर्ष पर देश उन सफेदपोश नेताओं का वो चेहरा देखेगा जो पहले कभी नहीं देखा गया.  सरकार से लेकर विपक्ष तक, बड़ी बड़ी राजनीतिक दलों के आलाकमान से लेकर चुनाव आयोग तक आज सब दंग रह जाएंगे. टीवी 9 भारतवर्ष पर सियासत के एक ऐसे काले सच से पर्दा उठ रहा है जो लोकतंत्र का सबसे बड़ा दुश्मन बन चुका है. ये सच वो दीमक है जिसने देश को खोखला बनाकर रख दिया है.

टीवी 9 भारतवर्ष दिखा रहा है कि कैसे नोट के दम पर लोकतंत्र के चीथड़े उड़ाए जा रहे हैं. कैसे ब्लैकमनी के बल पर जनतंत्र को बंधक बनाया जा रहा है. जिस चुनाव की तरफ पूरे देश की नज़र टिकी है, जो चुनाव देश का भविष्य तय करने वाला है उसे काले धन की ताकत पर हाईजैक करने की तैयारी है.

अब तक आपने सुना होगा कि नोट के दम वोट खरीदा जाता है. अब तक आपने सिर्फ सुना होगा कि चुनाव में करोड़ों झोंककर नेता सांसद बन जाते हैं लेकिन आज टीवी 9 भारतवर्ष के खुफिया कैमरे में कैद हुआ एक-एक सांसद चुनाव में जीत का काला सच खोलेगा. पहली बार जनता की नुमाइंदगी करने वाले माननीय सांसद खुद टीवी पर बता रहे हैं कि कैसे लोकतंत्र पर नोटतंत्र हावी हो चुका है.
एक नहीं दो नहीं पूरे 18 सांसदों का काला सच टीवी 9 भारतवर्ष के खुफिया कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है. एक एक कर वो सारे चेहरे बेनकाब हो रहे हैं.

टीवी 9 भारतवर्ष पर पूरे दिन बने रहिए क्योंकि आपको दिखाया जा रहा है कि कैसे सांसदों के घर पर कालेधन का हेरफेर होता है. कैसे पार्लियामेंट की स्टिकर वाली गाड़ी में ब्लैकमनी का लेनदेन होता है. कैसे नोटबंदी के बावजूद भी खुद सांसद कर रहे हैं कि चुनाव में कालेधन का काला कारोबार कैसे हो रहा है.
टीवी 9 भारतवर्ष में 12 घंटे तक दिखाया जाएगा कि कैसे सांसद चुनाव आयोग के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं. कैसे दो नंबर में लाखों-करोड़ों लेने के तैयार हुए माननीय सांसद संसद में कुछ भी पूछने का भरोसा दे देते हैं… आप देखेंगे कैसे उत्तर से लेकर दक्षिण तक और पूर्व से पश्चिम तक आज भी शराब बांट कर, कैश बांट कर, गाड़ियां बांटकर, टीवी-लैपटॉप बांट कर वोट खरीदने की साज़िश करते हैं और चुनाव में कामयाब हो जाते हैं.

Related Posts