ऑपरेशन JNU बेनकाब: लेफ्ट के 7 और ABVP के 2 छात्रों की हुई पहचान

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को प्रेस कान्फ्रेंस कर एक बात बिल्कुल साफ कर दी है कि जेएनयू हिंसा एक दिन में भड़की हिंसा नहीं थी.
Operation JNU Benakab, ऑपरेशन JNU बेनकाब: लेफ्ट के 7 और ABVP के 2 छात्रों की हुई पहचान

देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हुई हिंसा का सच सामने आ गया है. हिंसा के आरोपियों की पहचान पुलिस ने कर ली है. पिछले पांच दिन से जिसे हम जेएनयू हिंसा का नकाबपोश बता रहे थे और ये नहीं बता पा रहे थे कि ये नकाबपोश कौन हैं, इनके चेहरे पर से दिल्ली पुलिस ने नकाब उतार दिया है.

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को प्रेस कान्फ्रेंस कर एक बात बिल्कुल साफ कर दी है कि जेएनयू हिंसा एक दिन में भड़की हिंसा नहीं थी. इसकी स्क्रिप्ट एक जनवरी से लिखी जा रही थी. 5 जनवरी को हिंसा का क्लाइमेक्स था.

कैसे हुई हिंसा, कौन-कौन हैं वो नकाबपोश वो सब आपको आज बताएंगे. लेकिन आपको बता दें हमारा मकसद किसी भी छात्र की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं है. हम सिर्फ वही दिखाने जा रहे हैं जो दिल्ली पुलिस ने अपनी तहकीकात में प्रेस कान्फ्रेंस कर कहा है.

जेएनयू हिंसा के पीछे आइशी घोष, सुशील कुमार, पंकज मिश्रा, भास्कर विजय, सुजेता तालुकदार, प्रिया रंजन, योगेंद्र भारद्वाज, विकास पटेल और डोलन सावंत शामिल हैं.

चुनचुन कुमार जेएनयू का पूर्व छात्र है. ये कैंपस में ही रहते हैं. एक हैं पंकज मिश्रा. ये माही मांडवी हॉस्टल में रहते हैं. आएशी घोष को हम सभी ने देखा है. वो छात्र संघ अध्यक्ष हैं. पंकज कुमार स्टूडेंट फ्रंट ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन, डेमोक्रेटिक स्टूडेंट फेडरेशन इन्हीं के तहत हैं.

वास्कर विजय भी छात्र हैं जेएनयू के. सुचेता तालुकदार जेएनयू में काउंसलर हैं. प्रिय रंजन बीए थर्ड ईयर के हैं. डोलन सावंत स्टूडेंट काउंसर हैं. योगेंद्र भारद्वाज संस्कृत में पीएचडी कर रहे हैं. विकास पटेल एमए कोरियन किया है. ये भी जेएनयू से हैं.

चेहरा क्लीयर है. पहचान का पता है. JNU में हुई हिंसा की जांच कर रही एसआईटी पांच दिन बाद इसी नजीजे पर पहुंची हैं. इसलिए जानना जरूरी है कि कौन हैं वो चेहरे जिन्होंने जेएनयू जैसी संस्था पर हिंसा और उपद्रव का दाग लगाया है.

पुलिस के मुताबिक, इनमें से कई चेहरे हिंसा के दिन नकाब में छिपे थे. जिनकी पहचान कर ली गई है. इनमें से सात छात्र लेफ्ट से जुड़े छात्र संगठन एसएफई से हैं. जबकि दो एबीवीपी से हैं.

सुरक्षा गार्ड ने कहा कि ABVP वाले झगड़ा नहीं कर रहे हैं. ये मेरा खुद का विचार है. ABVP वालों से झगड़ा इसलिए हो जा रहा है. वो काम करना चाहते हैं. हर आदमी आज कल रजिस्ट्रेशन करना चाह रहा है अपना, वो उसका रजिस्ट्रेशन नहीं होने दे रहे. वो उसके फेवर में है की रजिस्ट्रेशन होना चाहिए, ये रोक रहे है.

उन्होंने कहा कि फीस हाइक के चक्कर में जब तक ये फीस कम नहीं होती तब तक ये सब बंद रखो परीक्षा नहीं होने दी. abvp ने परीक्षा भी करवाई लड़ झगड़ के बचाया भी हमने हमारा तो काम बचाने का है हम पक्षपात नहीं करते abvp चाहती है कि ये काम चलना चाहिए और ये लेफ्ट वाले रोकने में जुटे हुए हैं. हर जगह रुकावट डाल रहे हैं. परसों इन्होने कम्युनिकेशन सेन्टर भी बंद करवा दिया.

सिक्योरिटी गार्ड ने कहा कि यह एक के साथ चार चार लोग आते हैं, किसी को बोलेंगे तो बोलता है मेरे साथ हैं जब इंट्री के लिए बोलते हैं तो बोलता है हम नहीं करेंगे. हम कार्ड नहीं दिखाते क्या करोगे क्या बोलूं अकड़ आते हैं.

ये भी पढ़ें-

JNU हिंसा: दिल्ली पुलिस की जांच में क्या-क्या आया सामने, पढ़ें पूरी कहानी

JNU हिंसा: रविशंकर प्रसाद बोले- सच आया सामने, छात्रों को पढ़ने दें, राजनीतिक अड्डा न बनाएं

JNU हिंसाः प्रकाश जावड़ेकर बोले- झूठ का पर्दाफाश, छात्रों को आगे रखकर राजनीति करना बंद करें

Related Posts