दिल्ली दंगों और पुलिस की भूमिका को लेकर राष्ट्रपति से मिले कई विपक्षी दलों के नेता

कांग्रेस नेता अहमद पटेल (Ahmed Patel) ने कहा कि सही बात तो यह है कि जिनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए उनको तो प्रोटेक्शन दिया और जो लोग जाकर असलियत बताने की कोशिश कर रहे हैं. उनकों बुक करने की कोशिश हो रही है.
opposition delegation meet to president on delhi riots, दिल्ली दंगों और पुलिस की भूमिका को लेकर राष्ट्रपति से मिले कई विपक्षी दलों के नेता

दिल्ली दंगों (Delhi Riots) और पुलिस  की भूमिका को लेकर विपक्षी दलों के डेलिगेशन ने आज गुरुवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान डेलिगेशन ने राष्ट्रपति को एक मेमोरेंडम (Memorandum) दिया है जिसमें कहा गया है कि जब से मोदी सरकार आई है तब से लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. जो लोग बोलना चाहते हैं उनकी आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है.

दिल्ली में फरवरी महीने में जो दंगे हुए थे उसकी चार्जशीट को देख कर ऐसा लगता है यह कोई गहरी साजिश है जिन्होंने भी सीएए (CAA), एनआरसी (NRC) और एनपीए (NPA) के बारे में लोगों को जागरूक करने की कोशिश की उन्हीं का नाम चार्जशीट में डाल दिया गया है, जैसे वह दंगाईयों (Rioters) को उकसा रहे थे. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है.

अहमद पटेल ने कहा- यह एक गहरी साजिश है

कांग्रेस नेता अहमद पटेल (Ahmed Patel) ने कहा कि सही बात तो यह है कि जिनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए उनको तो प्रोटेक्शन दिया और जो लोग जाकर असलियत बताने की कोशिश कर रहे हैं. उनको बुक करने की कोशिश हो रही है. हम समझते हैं कि यह एक गहरी साजिश है. हमने राष्ट्रपति जी को इसके बारे में बताया है और मांग कि जो भी हो रहा है उसकी जांच होनी चाहिए. इसके बारे में जांच होनी चाहिए कि क्या इसमें पुलिस की क्या भूमिका है?

इससे भविष्य में यह होगा कि जो दंगाई हैं उनको भविष्य में प्रोत्साहन मिलेगा और जो लोग सही मायने में लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं उनके मुंह बंद करने की कोशिश हो रही है.

सीताराम येचुरी ने दिल्ली दंगों को राजनीतिक साजिश कहा

सीपीएम (CPM) महासचिव सीताराम येचुरी (Sitaram Yechury) ने कहा कि हमने राष्ट्रपति से मुलाकात की है. उनसे कहा कि यह साजिश हो रही है. उन्हें कहा कि जिन्होंने शांतिपूर्वक विरोध किया उन पर यह आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने दंगा करवाया है, जबकि सबको पता है कि दंगा किसने किया है. इस तरह की राजनीतिक साजिश जो चल रही है उसके विरोध में हमने राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया है और मांग की है कि वह हस्तक्षेप करें.

हमारा संविधानिक अधिकार है कि हम शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन करें. उसको हिंसा के साथ जोड़ना और उसके आधार पर गिरफ्तार करना, जबकि हिंसा जिन लोगों ने करवाई है, नफरत के भाषण जिन्होंने दिए हैं उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

येचुरी ने कहा कि कितने लोग मारे गए हैं? कौन है उसका जिम्मेदार? उसके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. यह एक राजनीतिक साजिश है. हमने राष्ट्रपति महोदय से इस अंकुश लगाने का निवेदन किया है.

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