EVM पर विपक्ष का वार, सुप्रीम कोर्ट जाने को हैं तैयार

टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू और कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि हम ईवीएम का मुद्दा लेकर फिर से सुप्रीम कोर्ट जाएंगे. नायडू शनिवार को भी ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत लेकर चुनाव आयोग पहुंचे थे.

नई दिल्ली: पहले चरण की वोटिंग के बाद विपक्षी दलों ने EVM का मुद्दा फिर से उठाया है. दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में विपक्ष ने ईवीएम और चुनाव से संबंधित मुद्दों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. कॉन्फ्रेंस में अन्य विपक्षी दल भी शामिल हुए.

कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने EVM पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग इस पर ठीक से ध्यान नहीं दे रहा. ईवीएम पर सवाल उठाते हुए बैलट पेपर से वोटिंग की वकालत की. उधर, बीजेपी ने विपक्ष की इस कॉन्फ्रेंस को हार स्वीकार करने वाला बताया है.

‘संविधान बचाओ’ के नारे के तहत आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल शामिल हुए. सिंघवी ने कहा, ‘पहले चरण के चुनाव के बाद ईवीएम पर सवाल उठे हैं, हमें नहीं लगता कि चुनाव आयोग इस पर पर्याप्त ध्यान दे रहा है. अगर आप X पार्टी को वोट देते हैं तो वोट Y पार्टी को जाता है. वीवीपैट में भी पर्ची 7 सेकंड की जगह केवल 3 सेकंड दिखती है.’

टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू और सिंघवी ने कहा कि हम ईवीएम का मुद्दा लेकर फिर से सुप्रीम कोर्ट जाएंगे. नायडू शनिवार को भी ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत लेकर चुनाव आयोग पहुंचे थे. उनका आरोप था कि आंध्र प्रदेश में गुरुवार को पहले चरण की वोटिंग के दौरान 4 हजार से ज्यादा ईवीएम में खराबी आई थी.

मनु सिंघवी ने कहा कि लाखों मतदाताओं के नाम बिना भौतिक सत्यापन के ऑनलाइन काट दिए गए. पार्टियों ने चुनाव आयोग को एक लंबी सूची दी है. VVPAT के कम से कम 50 फीसदी पेपर ट्रेल को गिनना अब और भी जरूरी हो गया है.

मनु सिंघवी ने कहा कि हम उच्चतम न्यायालय जाएंगे और EVM में गड़बड़ी के मुद्दे पर देशव्यापी अभियान चलाएंगे. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि 21 राजनीतिक दल 50 प्रतिशत मतदान पर्चियों का मिलान EVM से कराए जाने की मांग कर रहे हैं.