कोर्ट में CBI ने लगाए पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम पर ये संगीन आरोप

राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए चिदंबरम को 26 अगस्त तक 5 दिनों की रिमांड पर भेज दिया.

लगभग 28 घंटों की भागम-भाग के बाद CBI ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम को उनके घर से गिरफ्तार कर अगले दिन यानी गुरूवार को कोर्ट के सामने पेश किया. कोर्ट में CBI ने चिदंबरम पर गलत तरीके से INX मीडिया मामले में FDI वसूल करने का आरोप लगाया. CBI की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि चिदंबरम के पद पर रहने के दौरान गलत तरीके से INX मीडिया को फायदा पहुंचाया गया.

तुषार मेहता ने बताया कि इस दौरान कंपनी ने कई कंपनियों को पैसा दिया था. उन्होंने बताया कि लगभग 5 मिलियन डॉलर चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम से जुड़ी कंपनियों को भी दिया गया. मेहता ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम पर अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया.

सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट में साफ किया कि चुप रहना किसी व्यक्ति का अधिकार हो सकता है, लेकिन जानबूझकर सवालों को टालना गलत है. उन्होंने बताया कि CBI ने जब-जब चिदंबरम से पूछताछ की तब उन्होंने चुप्पी साधे रखी और सवालों के जवाब नहीं दिए. इसी लिए CBI ने चिदंबरम को रिमांड पर भेजे जाने की मांग की.

राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए चिदंबरम को 26 अगस्त तक 5 दिनों की रिमांड पर भेज दिया. चिदंबरम की तरफ से कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील पेश की थी.

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