SC ने कहा- तिहाड़ नहीं भेजेंगे, चिदंबरम बोले- नजरबंद कर दें, किसी को नुकसान नहीं होगा

पी चिदंबरम ने अदालत से सुनवाई के दौरान कहा कि उनकी उम्र 74 साल है, उन्हें नजरबंद किया जाए.

नई दिल्ली: INX मीडिया मामले में आरोपी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई शुरू हुई. बता दें कि चिदंबरम की CBI रिमांड आज ही खत्म हुई है.

INX मीडिया केस में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कांग्रेस नेता पी चिदंबरम से कहा कि वह अंतरिम राहत के लिए संबंधित कोर्ट में जाएं. चिदंबरम ने अदालत से कहा कि उनकी उम्र 74 साल है, उन्हें नजरबंद किया जाए. इससे किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा.

तिहाड़ जेल नहीं भेजा जाएगा…

इस पर कोर्ट ने कहा कि उन्हें तिहाड़ जेल नहीं भेजा जाएगा. चिदंबरम ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. कोर्ट ने 20 अगस्त को उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. ED भी पूछताछ से जुड़े दस्तावेज शीर्ष अदालत की बेंच को सौंप चुका है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर ट्रायल कोर्ट चिदंबरम की जमानत याचिका खारिज कर देती है तो उनकी CBI रिमांड 5 सितंबर तक बढ़ा दी जाएगी.

निचली अदालत में अपील क्यों नहीं करते?

कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस भानुमती ने कहा कि आप निचली अदालत में हाउस अरेस्ट की अपील क्यों नहीं करते हैं, इस पर कपिल सिब्बल ने कहा कि क्योंकि वहां से अपील खारिज हो जाएगी.

अंतरिम जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने पी चिदंबरम को अंतरिम जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट जाने को कहा है. ट्रायल कोर्ट CBI कस्टडी को भी बढ़ा सकता है. हालांकि, CBI ने इसका विरोध किया और कहा कि CBI सिर्फ सोमवार तक कस्टडी के लिए राजी हुई थी.

अगली सुनवाई शुक्रवार को

अब सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि अगर अंतरिम याचिका खारिज हो तो कस्टडी तीन दिन के लिए बढ़ जाए. अब इस मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी. ऐसे में इसे चिदंबरम के लिए राहत माना जा रहा है, क्योंकि अगर CBI कस्टडी बढ़ती है तो पी चिदंबरम को तिहाड़ नहीं जाना होगा.

ये भी पढ़ें- अर्थव्यस्था पर देश को सच बताएं निर्मला सीतारमण, प्रियंका गांधी ने साधा निशाना

ये भी पढ़ें- सावन-भादो में क्यों बिगड़ जाते हैं बिहार डिप्टी CM के बोल, पिछले साल कही थी ये बात