जीडीपी ग्रोथ रेट में बड़ी गिरावट पर चिदंबरम ने कसा तंज, बोले- सरकार को आनी चाहिए शर्म

चिदंबरम ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने चेतावनी दी थी और सरकार से पहले ही उपाय करने का आग्रह किया था. उन्होंने कहा, “हमारी दलील बहरे कानों पर पड़ी. अब पूरा देश इसकी भारी कीमत चुका रहा है.”

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 10:32 pm, Mon, 31 August 20

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सोमवार को कहा कि जीडीपी का अनुमान सरकार के लिए “आश्चर्य और शर्म की बात” होना चाहिए, क्योंकि इन्होंने राजकोषीय गिरावट को कम करने के लिए कुछ नहीं किया.

अप्रैल-जून 2020 के लिए जीडीपी के अस्थायी अनुमान जारी किए जाने के बाद पार्टी की सहयोगी सुप्रिया श्रीनेट के साथ एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में चिदंबरम ने कहा, “लेकिन हम जानते हैं कि मोदी सरकार को कोई शर्म नहीं है और वह अपनी गलतियों को स्वीकार नहीं करेगी.”

चिदंबरम ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने चेतावनी दी थी और सरकार से पहले ही उपाय करने का आग्रह किया था. उन्होंने कहा, “हमारी दलील बहरे कानों पर पड़ी. अब पूरा देश इसकी भारी कीमत चुका रहा है, गरीब और कमजोर लोग निराशा में हैं.”

“जीडीपी में लगभग 20फीसदी की गिरावट आई है”

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, “पहली तिमाही में जीडीपी में 23.9% की गिरावट आई है. इसका मतलब है कि 30 जून, 2019 को सकल घरेलू उत्पादन (जीडीपी) का लगभग एक चौथाई पिछले 12 महीनों में मिटा दिया गया है. इसे देखने का एक और तरीका है, 2019-20 के अंत के बाद से, जीडीपी में लगभग 20फीसदी की गिरावट आई है.”

चिदंबरम ने कहा, “वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, जिन्होंने आर्थिक गिरावट को एक्ट ऑफ गोड बताया था, उन्हें किसानों और किसानों को आशीर्वाद देने वाले देवताओं के प्रति आभारी होना चाहिए.” ऐसा इसलिए क्योंकि कृषि, एग्रीकल्चर, फॉरेस्ट और मछली पालन ये तीन सेक्टर ही ऐसे हैं, जिन्होंने 3.4 फीसदी की दर से विकास किया है.

“कई विशेषज्ञों ने की थी आर्थिक त्रासदी की भविष्यवाणी”

चिदंबरम ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर करीब से नजर रखने वाले कई विशेषज्ञों की तरफ से आर्थिक त्रासदी की भविष्यवाणी की गई थी, हाल ही में जारी की गई आरबीआई ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में इसका जिक्र किया था.

भारत ने आधिकारिक तौर पर मंदी के चरण में प्रवेश किया है. सोमवार को जारी किए गए जीडीपी के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-जून तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 23.9% गिरी है. भारतीय अर्थव्यवस्था को कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) और लॉकडाउन की वजह से काफी नुकसान पहुंचा है.

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