सेना संभालें जनरल रावत, हमें न बताएं कि क्या करना है: चिदंबरम

चिदंबरम ने आरोप लगाया कि सेना प्रमुख और उत्तर प्रदेश के डीजीपी को केंद्र सरकार का समर्थन करने के लिए कहा गया है, जो कि शर्मनाक बात है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने सीएए का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के बारे में सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत द्वारा दिए गए बयान की निंदा की. कांग्रेस नेता चिदंबरम ने शनिवार को पार्टी के स्थापना दिवस पर पार्टी की केरल इकाई की तरफ से राजभवन के पास आयोजित एक रैली को संबोधित किया.

चिदंबरम ने सेना प्रमुख को संदेश दिया कि ‘अपने काम से मतलब रखिए.’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सेना प्रमुख और उत्तर प्रदेश के डीजीपी को केंद्र सरकार का समर्थन करने के लिए कहा गया है, जो कि शर्मनाक बात है.

चिदंबरम ने कहा, “अब सेना प्रमुख को बोलने के लिए कहा गया है. क्या सेना प्रमुख का यह काम है?”


चिदंबरम ने आगे कहा, “यह आर्मी का काम नहीं है कि वह नेताओं को बताए कि क्या करना है. ठीक इसी तरह यह हमारा काम भी नहीं है कि हम आर्मी को बताएं कि युद्ध कैसे लड़ना है. अगर आप लड़ाई लड़ रहे हों तो हम नहीं बताते हैं कि आपको कैसे लड़ना है. आप अपने हिसाब से लड़ते हैं और इस देश में राजनीति हम करेंगे.”

अमित शाह पर निशाना साधते हुए चिदंबरम ने कहा कि ‘अमित शाह को फिर से लोकसभा और राज्यसभा की डिबेट सुननी चाहिए. उन्होंने एक भी सवाल का जवाब नहीं दिया और वह इस मुद्दे पर राहुल गांधी को बहस की चुनौती दे रहे हैं. इस कानून में सबकुछ गलत है.’

रावत ने सीएए विरोधी प्रदर्शन की आलोचना करते हुए कहा था कि ‘लोगों को गलत दिशा में ले जाने वाले नेता नहीं होते, जैसा कि हम देख रहे हैं, विश्वविद्यालय और कॉलेज के छात्र बड़ी संख्या में हमारे शहरों और कस्बों में आगजनी और हिंसा के लिए भीड़ का नेतृत्व कर रहे हैं.’

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