“सुरंग के जरिए आतंकियों की घुसपैठ करा रहा पाकिस्तान, ड्रोन की मदद से ड्रॉप किए हथियार”

जम्मू और कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि हालांकि, एंटी इनफिल्ट्रेशन ग्रिड सक्रिय है और पाकिस्तान (Pakistan) के नापाक मंसूबों को खत्म कर देने के लिए सुरंग रोधी अभियान चलाए जा रहे हैं.

सीमा पार से आतंकियों को भेजना पाकिस्तान की पुरानी साजिश है. इसी कड़ी में जम्मू और कश्मीर के डीजीपी ने एक नया खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान आतंकवादियों को भारत में घुसपैठ कराने के लिए सीमा पार जमीन के अंदर सुरंगों का इस्तेमाल कर रहा है और ड्रोन के जरिए उनके लिए हथियार सप्लाई कर रहा है.

पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा कि हालांकि, एंटी इनफिल्ट्रेशन ग्रिड सक्रिय है और सुरंग रोधी अभियान पाकिस्तान के नापाक मंसूबों को खत्म कर देने के लिए चल रहे हैं.

डीजीपी सिंह ने अंतराष्ट्रीय सीमा से लगे गलार गांव में हाल ही में मिली 170 मीटर लंबी सुरंग का निरीक्षण करने के बाद सांबा जिले में मीडिया से कहा, “आईबी के नीचे सुरंगों की खुदाई आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तान के नापाक मंसूबों का हिस्सा है.” 20-25 फीट की गहराई और पाकिस्तान से निकलने वाली इस सुरंग का खुलासा अगस्त में बॉर्डर-फेंसिंग के पास बीएसएफ की टीम ने किया था.

“नगरोटा एनकाउंटर में इस्तेमाल की गई सुरंग”

डीजीपी ने कहा कि “मैंने इस बड़ी सुरंग को देखा जो 2013-14 में चनियारी में पाई गई सुरंग जितनी बड़ी ही है. नगरोटा मुठभेड़ के बाद, हमें खास इनपुट मिले थे कि घुसपैठ एक सुरंग के जरिए हुई थी और उसकी तलाश की जा रही थी.” मालूम हो कि इस साल जनवरी में नगरोटा में हुई मुठभेड़ में तीन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के आतंकवादी मारे गए थे.

उन्होंने कहा, “जांच जारी है, लेकिन जमीनी संकेत बताते हैं कि सुरंग का इस्तेमाल पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठियों को भेजने के लिए पहले किया जाता था, लेकिन ऐसी और भी सुरंगे होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है.” दिलबाग सिंह ने कहा कि बीएसएफ और पुलिस के जवान इलाके में और दूसरी सुरंगों की भी खोज कर रहे हैं.

ड्रोन के जरिए एयरड्रॉप किए गए हथियार

वहीं हाल ही में काजीगुंड के पास कश्मीर से एक ट्रक में एम-16 राइफल सहित कई घातक हथियार बरामद होने पर, उन्होंने कहा कि जांच चल रही है और माना जाता है कि सांबा सेक्टर में ड्रोन का उपयोग करके हथियारों को एयरड्रॉप किया गया था.

अधिकारियों ने कहा कि एक ट्रक में हथियारों को ले जा रहे जैश (JeM) के दो ओवरग्राउंड वर्करों ने सांबा में उस जगह की पहचान की है, जहां से उन्होंने खेप दक्षिण कश्मीर में सक्रिय आतंकवादियों तक पहुंचाने के लिए उठाई थी.

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