सर क्रीक के पास पाकिस्तान ने 3 भारतीय नावों और 18 क्रू मेंबरों को पकड़ा, पढ़िए पूरा विवाद

जानकारी के मुताबिक भारतीय नावों को सर क्रीक जल सीमा के निकट पकड़ा गया है. भारत-पाकिस्तान के बीच सर क्रीक विवाद लंबे समय से चल रहा है.

नई दिल्ली: पाकिस्तानी समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने तीन भारतीय नौकाओं को पकड़ लिया है. पाक मीडिया के हवाले से बताया गया कि पाक जल सीमा में घुसने के बाद मछली पकड़ने वाली तीन नावों सहित 18 क्रू मेंबर को गिरफ्तार कर लिया है.

जानकारी के मुताबिक भारतीय नावों को सर क्रीक के निकट पकड़ा गया है. भारत-पाकिस्तान के बीच सर क्रीक विवाद लंबे समय से चल रहा है.

सर क्रीक क्या है
सर क्रीक, कच्छ मार्शलैंड के रण में भारत और पाकिस्तान के बीच विवादित पानी की एक 96 किलोमीटर लंबी पट्टी है. जल की इस धारा को मूल रूप से बान गंगा के नाम से जाना जाता है. सर क्रीक सीमा रेखा का यह नाम एक ब्रिटिश प्रतिनिधि के नाम पर रखा गया है. सर क्रीक की यह धारा पाकिस्तान के सिंध प्रांत को गुजरात के कच्छ क्षेत्र से विभाजित करती हुई अरब सागर में जा गिरती है.

भारत-पाकिस्तान का विवाद
सर क्रीक सीमा रेखा विवाद कच्छ और सिंध के बीच समुद्री सीमा रेखा की अस्पष्ट व्याख्या के कारण उपजा है. स्वतंत्रता से पहले, यह प्रांतीय क्षेत्र ब्रिटिश भारत के बॉम्बे प्रेसीडेंसी का भाग था. वर्ष 1947 में भारत की आज़ादी के बाद सिंध पाकिस्तान का हिस्सा बन गया, जबकि कच्छ भारत का ही हिस्सा रहा.

पाकिस्तान द्वारा प्रस्तुत दावों के अनुसार, वर्ष 1914 में तत्कालीन सिंध सरकार और कच्छ के राव महाराज के बीच हस्ताक्षरित ‘बंबई सरकार संकल्प’ (Bombay Government Resolution) के अनुच्छेद 9 एवं 10 के अनुसार पूरे क्रीक क्षेत्र पर उसी का अधिकार है.

इस संकल्प-पत्र में इन दोनों क्षेत्रों के बीच की सीमाओं को सीमांकित किया गया. इसमें क्रीक को सिंध के हिस्से के रूप में शामिल किया गया है. तब से क्रीक के पूर्वी भाग की सीमा को ग्रीन लाइन (Green Line) के रूप में जाना जाता है.

इस संबंध में भारत का दावा यह है कि वर्ष 1925 में बनाए गए एक अन्य मानचित्र में दोनों देशों के मध्य एक मध्य-चैनल (Mid-Channel) को दर्शाया गया था, जिसे वर्ष 1924 में एक मध्य-चैनल पिलर (Mid-Channel Pillars) की स्थापना के माध्यम से कार्यान्वित किया गया था.