फर्जी बैंक अकाउंट मामले में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी गिरफ्तार

रिपोर्ट्स के मुताबिक जरदारी समेत सात लोग कथित रूप से कुल 35 अरब रुपए के संदिग्ध लेनदेन के लिए खास बैंक खातों के इस्तेमाल में शामिल रहे हैं.

नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को नेशनल एकाउंटिबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने फेक बैंक अकाउंट केस में सोमवार को गिरफ्तार किया . (NAB) की 15 सदस्यीय टीम ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह-अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी को इस्लामाबाद में उनके आवास से गिरफ्तार किया.

गिरफ्तारी के कुछ घंटे पहले ही इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी खातों के मामले में जरदारी और उसकी बहन फरयाल तालपुर की गिरफ्तारी की अवधि बढ़ाने की अर्जी को खारिज कर दिया था. इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने इसके बाद एनएबी को जरदारी और फरयाल की गिरफ्तारी के आदेश दिए.

यह है मामला

साल 2015 में फेडरल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) समिट बैंक, सिंध बैंक और यूबीएल बैंक में 29 बेनामी खातों के माध्यम से किए गए लेन-देन की जांच शुरू की थी. सबसे पहले इसमें जरदारी समेत सात व्यक्तियों का नाम सामने आया था. आरोप है कि इन खातों का उपयोग रिश्वत से मिले धन को चैनेलाइज करने लिए किया जाता था. रिपोर्ट्स के मुताबिक जरदारी समेत सात लोग कथित रूप से कुल 35 अरब रुपए के संदिग्ध लेनदेन के लिए खास बैंक खातों के इस्तेमाल में शामिल रहे हैं.

हाल ही में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी तब सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने पाकिस्तान के लोगों से देश को बचाने की गुहार लगाई है. उनका कहना था कि अगर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को नहीं हटाया गया तो देश कहीं का नहीं रहेगा.

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