पाकिस्तान ने पुलवामा हमले की रिपोर्ट सौंपी, तो भारत ने कहा ऐसे ही जवाब की उम्मीद थी

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत को पुलवामा में सीमा पार आतंकी हमले, पाकिस्तान में उसके आतंकी शिविरों और नेतृत्व की मौजूदगी में जैश-ए-मोहम्मद की मिलीभगत पर पाकिस्तान के विस्तृत जवाब से काफी निराशा हुई है.

नई दिल्ली: भारत ने गुरुवार को 14 फरवरी को हुए पुलवामा आतंकी हमले में जैश-ए-मोहम्मद के शामिल होने पर पाकिस्तान द्वारा सौंपे गए डोजियर पर निराशा जताई है. पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान मारे गए थे.

पाकिस्तान द्वारा भारत के साथ साझा की गई ‘प्रारंभिक निष्कर्ष रिपोर्ट’ पर प्रतिक्रिया देते हुए, विदेश मंत्रालय ने कहा कि मुंबई आतंकी हमले और पठानकोट आतंकी हमले के बाद एक बार फिर पाकिस्तान ने वही स्क्रिप्ट भेजी है.

इस रिपोर्ट पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत को पुलवामा में सीमा पार आतंकी हमले, पाकिस्तान में उसके आतंकी शिविरों और नेतृत्व की मौजूदगी में जैश-ए-मोहम्मद की मिलीभगत पर पाकिस्तान के विस्तृत जवाब पर काफी निराशा हुई है.

पाकिस्तान ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि भारत द्वारा साझा किए गए 22 स्थानों पर कोई भी आतंकी शिविर नहीं था और यह भी कहा है कि जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर का पुलवामा हमले से कोई संबंध नहीं है.

पाकिस्तान ने कहा कि उसने इस मामले में जांच के लिए 54 लोगों को हिरासत में लिया है. लेकिन उनके और पुलवामा हमले के बीच अभी तक कोई संबंध साबित नहीं हुआ है. इमरान खान की अगुवाई वाली सरकार ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए दिल्ली से और अधिक जानकारी या सबूत मांगे हैं.

विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह सर्वविदित है कि जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर पाकिस्तान में ही रहता है और इसे पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने स्वीकार भी किया था.

मंत्रालय ने कहा, ‘हमें आश्चर्य नहीं हुआ, क्योंकि यह स्क्रिप्ट पूर्व में पाकिस्तान द्वारा 2008 में मुंबई में या 2016 में पठानकोट में हुए आतंकवादी हमलों की तरह ही थी. यह एक तथ्य है कि मसूद अजहर पाकिस्तान में रहता है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री द्वारा हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में यह स्वीकार किया गया था.’