पाक में हुई कश्मीर पर बनी कमेटी की पहली बैठक, इस तरह भारत को जवाब देने की प्लानिंग में जुटे इमरान

पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. अब उसने तय किया है कि अपने विदेश मंत्रालय और दूतावासों में अलग से कश्मीर सेल बनाएगा.

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने कश्मीर पर बनाई गई कमेटी की पहली बैठक शनिवार को बुलाई. सात सदस्यों की समिति का गठन पीएम इमरान के ही आदेश पर 6 अगस्त को हुआ था. समिति ने विदेश मंत्रालय के दफ्तर में सुबह 11 बजे बैठक शुरू की जिसकी अध्यक्षता पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने की. भारत ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का जो फैसला लिया उसी पर इस समिति ने चर्चा की और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाने से संबंधित रणनीति बनाई.

समिति के दूसरे सदस्यों में आईएसआई चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज़ हमीद, आईएसपीआर चीफ मेजर जनरल आसिफ गफूर, कानून मंत्री फरोग नसीम, पीएम के विशेष सलाहकार फिरदौस आशिक अवान, कश्मीर पर संसदीय समिति के चेयरपर्सन फखडर इमाम और पाकिस्तान के एटॉर्नी जनरल अनवर मसूर खान शामिल हैं.इस समिति को कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद बनाया गया है. पाकिस्तान कश्मीरी मुद्दे को तमाम मंचों पर उठा रहा है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा समिति, OIC, UN पीसकीपिंग मिशन और बाकी देशों के पास जाकर भी पाकिस्तान ने कश्मीर मसले में हस्तक्षेप की गुहार लगाई है. इनमें से अधिकांश जगह उसे निराशा ही हाथ लगी है.

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विदेशमंत्री कुरैशी ने कहा कि कश्मीर पर लड़ाई लंबी है जिसे हमें सभी मंचों पर लड़ना होगा. ये कोई इवेंट नहीं है बल्कि एक प्रक्रिया है. कुरैशी ने ये भी बताया कि बैठक में इस मुद्दे को लेकर लड़ने की रणनीति बनाई गई. इसके अलावा कुरैशी ने कहा कि भारत आज डोभाल डॉक्ट्रिन पर चल रहा है. जो कुछ हो रहा है उसके पीछे तीन लोग मुख्य तौर पर हैं- पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल.

विदेश मंत्री ने विदेश मंत्रालय में कश्मीर सेल बनाने की घोषणा की, साथ ही हर देश में स्थित पाकिस्तानी दूतावास में भी ऐसे ही सेल बनाने की बात भी कही. उन्होंने एक प्रतिनिधि नियुक्त करने की घोषणा भी की जो कश्मीर के विमर्श को हर देश में प्रासंगिक बनाए रखने की कोशिश करेगा.