वाराणसी में जल्द पूरा हो जाएगा पावन पथ, एक रास्ते से जुड़ेंगे श्रीकाशी विश्वनाथ समेत 108 मंदिर

पावन पथ के निर्माण से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक पथ पर ही कई तीर्थ स्थलों के दर्शन की सुविधा हो जाएगी. मुख्यमंत्री बनने के कुछ दिनों बाद ही योगी आदित्यनाथ ने इसकी घोषणा की थी.

हिंदुओं के प्रमुख तीर्थ स्थान वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट पावन पथ का निर्माण जल्द ही पूरा हो सकता है. प्रदेश के संस्कृति एवं मंत्री नीलकंठ तिवारी ने इसके लिए बुधवार को अफसरों से बात की और जरूरी निर्देश दिए. इस पावन पथ से वाराणसी के 108 धार्मिक स्थल जुड़ जाएंगे. इनमें श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर, कालभैरव सहित सभी अष्ट भैरव मंदिर, नवभौरी, मानस ज्योतिर्लिंग, नवदुर्गा मंदिर जैसे कई पवित्र स्थल शामिल हैं.

तिवारी ने कहा कि पावन पथ के निर्माण से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक पथ पर ही कई तीर्थ स्थलों के दर्शन की सुविधा हो जाएगी. मुख्यमंत्री बनने के कुछ दिनों बाद ही योगी आदित्यनाथ ने इसकी घोषणा की थी.

उन्होंने कहा था कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और सैलानी श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर, संकटमोचन, दुर्गाकुंड, सारनाथ और गंगा आरती तक समिति रह जाते हैं, जबकि काशी में और भी कई धार्मिक स्थल काफी महत्वपूर्ण हैं. इन मंदिरों को जोड़े जाने के साथ ही सड़क, पानी, बिजली और यूरिनल की व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी ताकि श्रद्धालु सभी मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए आसानी से पहुंच सकें.

दूसरी ओर काशी को रामजन्‍म भूमि अयोध्‍या से जोड़ने वाले 183 किलोमीटर लंबे फोरलेन पावन पथ का निर्माण भी जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा. अभी तक वाराणसी से अयोध्‍या के लिए सीधा रास्ता नहीं होने की वजह से लोगों को अलग-अलग रास्तों से आना या जाना होता है.

केंद्र सरकार के भारत माला प्रोजेक्‍ट के तहत पावन पथ के जरिए सीधे सड़क मार्ग से जुड़ने से दोनों धार्मिक शहरों का फासला कम हो जाएगा. इसके लिए गुड़गांव की होलटेक कंसल्‍टेंट ने डीपीआर तैयार की है.

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