लोग नहीं ले रहे सीवर कनेक्शन, इसलिए गंदी हो रही यमुना: केजरीवाल

दिल्ली सरकार ने फैसला लिया है कि जो लोग को 31 मार्च तक सीवर लाइन के लिए एप्लाइ कर देंगे, उनसे डेवलपमेंट चार्ज या दूसरे चार्ज नहीं लिए जाएंगे.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार के प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए यमुना नदी की गंदगी के लिए लोगों का सीवर लाइन कनेक्शन न करवाने को जिम्मेदार बताया है. केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में जगह-जगह सीवर लाइन डाल दी गई है, लेकिन लोग सीवर कनेक्शन नहीं ले रहे हैं, नाली में सीवेज जाने से यमुना गंदी हो रही है, उससे बीमारी फैलती है.

इसी के साथ दिल्ली सरकार ने फैसला लिया है कि जो लोग को 31 मार्च तक सीवर लाइन के लिए एप्लाइ कर देंगे, उनसे डेवलपमेंट चार्ज या दूसरे चार्ज नहीं लिए जाएंगे. अभी 100 रुपए प्रति मीटर डेवलपमेंट चार्ज लगता है, पहले 500 रुपए लगते थे. सरकार के मुताबिक अगर 31 मार्च तक जो लोग एप्लाई कर देंगे उनसे रोड कटिंग चार्ज भी नहीं लिया जाएगा.

मालूम हो कि दिल्ली के करीब 2 लाख 34 हजार लोग ऐसे हैं जिन्होंने सीवर लाइन होने के बावजूद कनेक्शन नहीं लिए हैं. जहां पर सीवर लाइन नहीं है वहां पर सरकार सेप्टिक टैंक साफ करवाएगी. दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दिल्ली के पानी को लेकर छपी एक रिपोर्ट पर भी हमला बोला.

मीडिया में छपी एक रिपोर्ट पर केजरीवाल ने कहा कि पानी को लेकर राजनीति हो रही है, पासवान जी बोलते हैं कि 11 जगहों से सैंपल लिए लेकिन कहां से लिए जगह नहीं बता रहे, क्या गड़बड़ है? WHO के स्टेंडर्ड के मुताबिक 10,000 की जनसंख्या पर एक सेंपल लिया जाना चाहिए, इस हिसाब से 2,000 सैंपल लिए जाने चाहिए थे. जल बोर्ड की जांच में सिर्फ 1.5 प्रतिशत सैंपल ही फेल हुए.

केजरीवाल ने कहा हम आने वाले दिनों में दिल्ली के हर वार्ड से मीडिया की मौजूदगी में 5-5 सैंपल उठाएंगे. 70 सालों में जो इन लोगों ने गड़बड़ की है, वो सिर्फ 5 साल में पूरी तरह से ठीक नहीं कर सकते, हमने बहुत मेहनत की है, अभी भी कर रहे हैं. 100 प्रतिशत समस्या का समाधान नहीं हो पाया है, लेकिन हम कोशिश कर रहे हैं.

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