पायलट की सूझबूझ से बची जान, हो सकता था और बड़ा हादसा- बोले Kozhikode Plane Crash के सर्वाइवर्स

दुर्घटना (Kozhikode Plane Crash) में मारे गए पायलट दीपक वसंत साठे (Deepak Vasant Sathe) भारतीय वायु सेना (IAF) के रिटायर्ड विंग कमांडर थे. वो वायु सेना के डेकोरेटेड पूर्व फाइटर पायलट थे.
kozhikode plane crash survivors, पायलट की सूझबूझ से बची जान, हो सकता था और बड़ा हादसा- बोले Kozhikode Plane Crash के सर्वाइवर्स

शुक्रवार को केरल (Kerala) के कोझिकोड एयरपोर्ट (Kozhikode Airport) के रनवे पर लैंड करते समय एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान दुर्घटनाग्रस्त (Air India Express Plane Crash) हो गया. एअर इंडिया एक्सप्रेस AXB1344, बोइंग 737 दुबई से वापस लौटा था, जो कि लैंडिंग के वक्त रनवे पर फिसल गया. इस विमान में 190 लोग सवार थे. दो पायलट्स समेत 19 लोगों की मौत हुई है और कई गंभीर रूप से घायल हुए हैं. इस हादसे में बचे लोगों का कहना है कि फ्लाइट के पायलट के कारण ही उनकी जान बच पाई है.

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पायलट की सूझबूझ से बची जान

लोगों का कहना है कि अगर सही समय पर पायलट अपने प्रेजेंस ऑफ माइंड का इस्तेमाल नहीं करते तो, एक्सिडेंट के कारण प्लेन को आग लग सकती थी, पर पायलट की सूझबूझ से ऐसा नहीं हुआ और हमारी जान बच गई.

सर्वाइवर्स ने कहा कि बहादुर पायलट और सतर्क स्थानीय निवासियों के कारण और ज्यादा बड़ा हादसा होने से टल गया. उन्होंने कहा कि लोग धुंए और मामूली आग की अनदेखी करते हुए विमान में घुसे, उन्होंने लोगों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाने का काम किया.

दुर्घटना में मारे गए पायलट दीपक वसंत साठे भारतीय वायु सेना के रिटायर्ड विंग कमांडर थे. वो वायु सेना के डेकोरेटेड पूर्व फाइटर पायलट थे. नेशनल डिफेंस एकेडमी के होनहार छात्र दीपक साठे की गिनती उन अनुभवी पायलट्स में होती थी जो बोइंग 737 उड़ाने में माहिर थे.

दो बार सुरक्षित लैंडिंग की कोशिश की

एचटी की रिपोर्ट के अनुसार, एक पीड़ित, जिसे हादसे में मामली चोट आई, उन्होंने बताया कि मूसलाधार बारिश हो रही थी. पायलट ने मौसम खराब होने की बात कहते हुए उतरने से पहले चेतावनी दी थी. उन्होंने दो बार सुरक्षित लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन नियंत्रण खो दिया. विमान रनवे से दूर जा गिरा और स्किड हो गया. विमान के दो टुकड़े हो गए. यह कई लोगों के लिए एक चमत्कारी पलायन था.

लगभग 9 साल पहले एक रिपोर्ट में विस्तार से बताया था कि कोझिकोड हवाई अड्डा लैंडिंग के लिए सुरक्षित नहीं है. केरल के चार हवाई अड्डों में से कोझिकोड हवाई अड्डे पर सबसे छोटा रनवे है.

बताते चलें कि 2010 के बाद से यह भारत का सबसे भयानक यात्री विमान हादसा है. 2010 में एक अन्य एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट, जो कि दुबई से आई थी, वह मेंगलोर के टेबल-टॉप रनवे पर फिसलते हुए खाई में जा गिरी थी. इस हादसे में 158 लोगों की जान गई थी.

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