पीएम मोदी पर लगा चुनावी हलफनामे में संपत्ति की जानकारी छिपाने का आरोप

पीएम मोदी पर आरोप है कि उन्होंने साल 2014 के चुनावी हलफनामे और साल 2015, 2016 और 2017 में संपत्ति की घोषणा में एक प्लॉट की जानकारी नहीं दी थी.
Narendra Modi, पीएम मोदी पर लगा चुनावी हलफनामे में संपत्ति की जानकारी छिपाने का आरोप

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Modi) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट(SC) में एक जनहित याचिका दायर कर एक अचल संपत्ति से जुड़े मामले में जांच की मांग की गई है. याचिकाकर्ता ने इस मामले में SIT के गठन की मांग की है. वेबसाइट livelaw.in की खबर के मुताबिक याचिकाकर्ता साकेत गोखले ने आरोप लगाया है कि नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) 1998 से विधायकों को कम कीमत पर जमीन आवंटित की जाने वाली नीति के लाभार्थी हैं जिसके तहत विधायकों को कम कीमत पर जमीनें दी गई थीं.

याचिकाकर्ता के अनुसार, नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) को 2002 में इसी का लाभ मिला और गांधीनगर सिटी (प्लॉट नं. 411) में सिर्फ 1.3 लाख रुपये में उन्हें प्लॉट दिया गया था. 2007 के गुजरात विधानसभा चुनाव में नरेन्द्र मोदी ने इस प्लाट की जानकारी दी थी. लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में दायर हलफनामे और 2015, 2016 तथा 2017 में दी गई संपत्ति की घोषणा में इस प्लाट की जानकारी नहीं दी गई थी.

याचिकाकर्ता का यह भी आरोप है कि नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) ने हलफनामे में प्लॉट नं. 411 की जगह गांधीनगर में प्लॉट नंबर 401/A के एक चौथाई हिस्से का मालिक बताया है, जिसका अस्तित्व ही नहीं है. गोखले ने कहा कि प्लॉट नंबर 401/A जैसी कोई जगह है ही नहीं. ऐसा कहा गया कि प्लॉट नंबर 401 को वित्त मंत्री अरुण जेटली को आवंटित किया गया था.

आपको बता दें कि कोई उम्मीदवार अगर चुनावी हलाफनामे में जमीन, संपत्ति की जानकारी का खुलासा नहीं करता है तो जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 1951 के तहत यह एक आपराधिक मामला होगा.

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