मौजूदा चुनौतियों से जीतने के लिए कई सुधारों की जरूरत, संयुक्त राष्ट्र की 75वीं सालगिरह पर बोले पीएम मोदी

पीएम (PM) मोदी ने कहा कि आज यूएन (UN) में सुधार की जरूरत है. हम पुरानी सोच के साथ आज की चुनौतियों से नहीं लड़ सकते. दुनिया को एक ऐसे बहुपक्षवाद की जरूरत है, जो आज की वास्तविकताओं को दिखाए.

  • TV9 Digital
  • Publish Date - 7:33 am, Tue, 22 September 20

प्रधानमंत्री (Prime Minister) नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र की 75 वीं सालगिरह (Anniversary) पर सोमवार को यूएन को संबोधित किया.अपने संबोधन में पीएम नरेंद्र मोदी ने यूएन के सभी सदस्यों से वैश्विक तौर पर बहुपक्षवाद में सुधार करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि भारत इस दिशा में अन्य सभी देशों के साथ काम करने के लिए तैयार है.

पीएम मोदी ने कहा कि आज यूएन (UN) में सुधार की जरूरत है. हम पुरानी सोच के साथ आज की चुनौतियों से नहीं लड़ सकते. दुनिया को एक ऐसे बहुपक्षवाद की जरूरत है, जो आज की वास्तविकताओं को दिखाए. सभी साझेदारों को सुने, जो आधुनिक चुनौतियों को सुने और मानव कल्याण पर ध्यान केंद्रित करे. हम पुरानी सोच के साथ नई चुनौतियों का समाना नहीं कर सकते. व्यापक सुधारों के बिना यह संभव नहीं होगा.

संयुक्त राष्ट्र ने सभी को एक परिवार समझा

पीएम मोदी ने कहा कि 75 साल पहले युद्ध की भयावहता से एक नई आशा पैदा हुई, मानव इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब पूरी दुनिया के लिए एक संस्था बनाई गई. संयुक्त राष्ट्र चार्टर के संस्थापक सदस्य होने के नाते भारत उस महान दृष्टिकोण का हिस्सा था. संयुक्त राष्ट्र ने सभी को एक परिवार के रूप में स्वीकार किया.

पीएम मोदी ने कहा कि  यूएन की वजह से आज हमारी दुनिया बेहतर है. हम उन सभी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं , जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में यूएन के झंडे के नीचे शांति और विकास का कारण विकसित किया, जिसमें भारत का अग्रणी योगदान रहा.

‘हमें पुराना दृष्टिकोण बदलने की जरूरत’

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि  संघर्ष को रोकने, विकास को सुनिश्चित करने, जलवायु परिवर्तन को संबोधित करने, असमानता को कम करने और डिजिटल प्रौद्योगिकी का फायदा लेने के लिए हमें अभी भी काम करने की जरूरत है, इसके लिए हमें पुराना दृष्टिकोण बदलना होगा.

संयुक्त राष्ट्र के 75 साल पूरे होने पर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने सुधारवादी बहुपक्षवाद के आह्वान को खास महत्व दिया. संयुक्त राष्ट्र के 75 सालों के इतिहास में यह पहली बार होगा जब यूएन का सत्र वर्चुअली होगा. यूएन विधानसभा सत्र के लिए कोरोना महामारी की वजह से सदस्य देशों के प्रतिनिधि न्य़ूयॉर्क नहीं जा सकते.