सरहद पर खड़ी होगी चट्टान की तरह दीवारें, पीएम मोदी-बिपिन रावत ने तैयार किया पूरा प्लान

सरहद पर फौलादी दीवार बनाने को लेकर ब्लू प्रिंट तैयार किया जा चुका है. जनरल बिपिन रावत ने इसके लिए पूरी तरह से तैयार हो चुके हैं. सेना की तरफ से भी पूरी तैयारी हो चुकी है.

नई दिल्ली: देश की सरहदों की हिफाजत के लिए पीएम मोदी ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार सरहद पर ऐसी अभेद्य दीवार खड़ी करने का जिसे भेदना दुश्मन मुल्क के कूवत की बात नहीं होगी. भारत का पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान अक्सर आतंकियों को बॉर्डर क्रास कराकर हिंदुस्तान भेजता है. ये आतंकी हिंदुस्तान में दहशत का गंदा खेल खेलते हैं.

सरकार इसलिए सरहद पर सेना की मबजूत दीवार खड़ी करने जा रही है क्योंकि सरहद पार आतंकी बैठे हुए हैं. पाकिस्तान लगातार घुसपैठियों को भेजता रहा है. ये हिंदुस्तान के लिए बड़ी समस्या रही है. इससे निपटने के लिए जनरल बिपिन रावत के दिमाग में काफी पहले से प्लान चल रहा था. जनरल रावत ने इस पर काफी मंथन किया और प्रधानमंत्री मोदी से बात की.

सरहद पर फौलादी दीवार बनाने को लेकर ब्लू प्रिंट तैयार किया जा चुका है. जनरल बिपिन रावत ने इसके लिए पूरी तरह से तैयार हो चुके हैं. सेना की तरफ से भी पूरी तैयारी हो चुकी है.

पिछले दिनों संसद सत्र के दौरान ही केंद्र सरकार ने आतंकी घटनाओं के बारे में लेखा-जोखा पेश किया था. सरकार द्वारा दी जानकारी के अनुसारजम्मू कश्मीर में आतंकवादी हमलों में 86 % की कमी आई है. बीते एक दशक में यह संख्या 23,290 से 3187 तक पहुंच गई है. सरकार ने आंकड़ा अप्रैल 2009 से जून 2019 तक का दिया है. इसके मुताबिक आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की कार्रवाई में 59 % की वृद्धि हुई है.

पिछले तीन साल में करीब 400 आतंकवादियों ने घुसपैठ की, जिसमें से 126 को सुरक्षाबलों ने मार गिराया. इस कार्रवाई में 27 सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई. चार आतंकवादी गिरफ्तार हुए. 2018 में 143 बार, 2017 में 136 और 2016 में 119 बार घुसपैठ की घटनाएं हुईं. घुसपैठ की घटनाओं में 43 % की कमी आई. गृह राज्य मंत्री रेड्डी के मुताबिक- 2018 के पिछले छह महीने में जम्मू कश्मीर में घुसपैठ की घटनाओं में 43 % की कमी आई. उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर में पांच साल में 960 से अधिक आतंकवादी मारे गए. इस दौरान 413 सुरक्षाकर्मी शहीद भी हुए.