जनसंख्या विस्फोट पर मोदी की नसीहत, हमें अशिक्षित – अस्वस्थ समाज नहीं चाहिए

"जनसंख्या विस्फोट हमारे लिए आने वाली पीढ़ी के लिए अनेक नए संकट पैदा करता है. हमारे देश में एक जागरूक वर्ग है जो इसे भली-भांति समझता है."

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Prime Minister Narendra Modi ) ने जनसंख्या विस्फोट ( Population Explosion ) को बड़ी चुनौती बताते हुए कुछ अहम सुझाव दिए हैं. उन्होंने किसी तरह के रेगुलेशन की घोषणा तो नहीं की लेकिन ये संकेत जरूर दिया कि उनकी सरकार इसको लेकर संजीदा है.

Independence Day 2019 के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के बारे में अब सोचने की जरूरत है.

उनका कहना था, ” मेरे प्यारे देशवासियों, अब हमारा देश उस दौर में पहुंचा है जब राजनीतिक नफा नुकसान को देख कर फैसला नहीं करना चाहिए. एक विषय है – बेतहाशा जनसंख्या विस्फोट. ये जनसंख्या विस्फोट हमारे लिए आने वाली पीढ़ी के लिए अनेक नए संकट पैदा करता है. हमारे देश में एक जागरूक वर्ग है जो इसे भलि भांति समझता है.”

मोदी ने कहा, “एक छोटा वर्ग है जो इस समस्या को समझता है. वे शिशु के जन्म से पहले उसके लिए सोचते हैं. हम भी उनसे सीखें. हमारे घर में किसी भी शिशु के आने से पहले सोंचे कि उसकी आवश्यकता की पूर्ति के लिए तैयारी है या नहीं. एक सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता है. सरकारों को भी भिन्न भिन्न योजनाओं के तहत इस पर सोचना होगा. हम अस्वस्थ, अशिक्षित समाज नहीं सोच सकते.”

मोदी के संबोधन के ठीक बाद गिरिराज सिंह ने ट्वीट कर उम्मीद जताई कि जनसंख्या विस्फोट पर अब घर-घर में चर्चा होगी. गिरिराज सिंह जनसंख्या विस्फोट के मुद्दे पर लगातार मुखर रहे हैं.