मन हो तभी उठाएं किताब, सुबह-शाम के फेर में न पड़ें, पढ़ें PM मोदी की ‘परीक्षा पे चर्चा’ के सारे अपडेट्स

पीएम मोदी ने इस दौरान परीक्षा में किस तरह अच्छे नंबर लाएं, खुद के जीवन में किस तरह बदलाव करें और टेक्नोलॉजी का कैसे उपयोग करें, ऐसे सवालों के जवाब दिए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को दिल्ली के तालकटोरा स्‍टेडियम में छात्रों के साथ ‘परीक्षा पर चर्चा’ की. इस चर्चा में वे बच्चों को परीक्षा के तनाव से बचने के लिए टिप्स दे रहे हैं. इसमें स्‍टूडेंट्स के अलावा टीचर्स और पेरेंट्स ने भी हिस्‍सा लिया. इस कार्यक्रम में इस बार खासतौर पर दिव्यांग छात्रों को प्रधानमंत्री से अपने मन की बात कहने व प्रश्न पूछने का अवसर मिला. पीएम मोदी ने इस दौरान परीक्षा में किस तरह अच्छे नंबर लाएं, खुद के जीवन में किस तरह बदलाव करें और टेक्नोलॉजी का कैसे उपयोग करें, ऐसे सवालों के जवाब दिए.

बता दें कि ‘परीक्षा पर चर्चा’ का यह तीसरा एडिशन है. इस कार्यक्रम का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि छात्र तनावमुक्त होकर आगामी बोर्ड और प्रवेश परीक्षाएं दें. कार्यक्रम में करीब 2,000 छात्र भाग ले रहे हैं, जिनमें से 1,050 छात्रों का चयन निबंध प्रतियोगिता के जरिए किया गया है.

Pariksha Pe Charcha 2020 All Updates

  • पीएम मोदी ने छात्रों को कहा कि विद्यार्थी कोई कालखंड के लिए नहीं होता. हमें जीवन भर अपने भीतर के विद्यार्थी को जीवित रखना चाहिए. जिंदगी जीने का यही उत्तम मार्ग है, नया-नया सीखना, नया-नया जानना.
  • पीएम मोदी ने छात्रों को कहा कि यदि हम अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलते हैं और चुनौती मोड में जाते हैं, तभी हम समझते हैं कि हम चीजें कर सकते हैं या नहीं.
  • पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि अगर आप बोझ लेकर परीक्षा हॉल में गए हैं तो सारे प्रयोग बेकार जाते हैं. आपको आत्म विश्वास लेकर जाना है. परीक्षा को कभी जिंदगी में बोझ नहीं बनने देना है. आत्मविश्वास बहुत बड़ी चीज है. साथ ही फोकस एक्टिविटी होनी जरूरी है.
  • सुबह उठकर पढ़ने के सवाल पर पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि संभव है कि सुबह उठकर आप पढ़ते हैं तो मन और दिमाग से पूरी तरह तंदुरुस्त होते होंगे. लेकिन हर किसी की अपनी विशेषता होती है, इसलिए आप सुबह या शाम जिस समय आपको सुविधा हों, उसी समय में पढ़ाई करें.
  • पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि मां-बाप को मैं कहूंगा कि बच्चे बड़े हो गए हैं ये स्वीकार करें, लेकिन जब बच्चें 2-3 साल के थे और तब आपके अंदर उनको मदद करने की जो भावना थी उसे हमेशा जिंदा रखिए. बच्चों को उनकी रुचि के सही रास्ते में आगे बढ़ने के लिए हमेशा प्रेरित करना चाहिए.
  • पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि मैं किसी परिजन पर कोई दवाब नहीं डालना चाहता, और न किसी बच्चे को बिगाड़ना चाहता हूं. जैसे स्टील के स्प्रिंग को ज्यादा खींचने पर वो तार बन जाता है, उसी तरह मां-बाप, अध्यापकों को भी सोचना चाहिए कि बच्चे कि क्षमता कितनी है.
  • पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि क्या हम तय कर सकते हैं कि 2022 में जब आजादी के 75 वर्ष होंगे तो मैं और मेरा परिवार जो भी खरीदेंगे वो मेक इन इंडिया ही खरीदेंगे. मुझे बताइये ये कर्त्तव्य होगा या नहीं, इससे देश का भला होगा और देश की अर्थव्यवस्था को ताकत मिलेगी.
  • पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि अधिकार और कर्त्तव्य जब साथ साथ बोले जाते हैं, तभी सब गड़बड़ हो जाता हैं. जबकि हमारे कर्त्तव्य में ही सबके अधिकार समाहित हैं. जब मैं एक अध्यापक के रूप में अपना कर्त्तव्य निभाता हूं, तो उससे विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा होती है.
  • पीएम मोदी ने अरुणाचल प्रदेश के एक छात्र के सवाल पर कहा कि इस देश में अरुणाचल ऐसा प्रदेश है जहां एक दूसरे से मिलने पर जय-हिंद बोला जाता है. ये हिंदुस्तान में बहुत कम जगह होता है. वहां के लोगों ने अपनी भाषा के प्रचार के साथ हिंदी और अंग्रेजी पर भी अच्छी पकड़ बनाई है. हम सभी को नॉर्थ ईस्ट जरूर जाना चाहिए.
  • पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि नई पीढ़ी वो है जो किसी और से पूछने के बजाए, तकनीक की मदद से जानकारी जुटा लेती है. इसका मतलब कि उसे तकनीक का उपयोग क्या होना चाहिए, ये पता लग गया है.
  • पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि पिछली शताब्दी के आखरी कालखंड और इस शताब्दी के आरंभ कालखंड में विज्ञान और तकनीक ने जीवन को बदल दिया है. इसलिए तकनीक का भय कतई अपने जीवन में आने नहीं देना चाहिए. तकनीक को हम अपना दोस्त माने, बदलती तकनीक की हम पहले से जानकारी जुटाएं, ये जरूरी है.
  • पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि स्मार्ट फोन जितना समय आपका समय चोरी करता है, उसमें से 10 प्रतिशत कम करके आप अपने मां, बाप, दादा, दादी के साथ समय बिताएं. तकनीक हमें खींचकर ले जाए, उससे हमें बचकर रहना चाहिए. हमारे अंदर ये भावना होनी चाहिए कि मैं तकनीक को अपनी मर्जी से उपयोग करूंगा.
  • पीएम मोदी ने छात्रा के सवाल पर कहा कि टेक्नोलॉजी को अपना दोस्त माने, लेकिन उसे सही से प्रयोग करना आना चाहिए.
  • पीएम मोदी ने छात्रा के सवाल पर कहा कि अगर आप रोबोट की तरह काम करते रहेंगे, तो सिर्फ रोबोट ही बनकर रह जाएंगे. इसलिए पढ़ाई से अलग भी एक्टविटी करनी चाहिए, हालांकि टाइम मैनेजमैंट जरूरी है.
  • पीएम मोदी ने छात्रा के सवाल पर कहा कि यदि आप कोई अतिरिक्त गतिविधि नहीं कर रहे हैं, तो आप एक रोबोट में बदल जाएंगे. क्या हम चाहते हैं कि हमारा युवा रोबोट में बदल जाए? नहीं! वे ऊर्जा और सपनों से भरे हुए हैं!
  • पीएम मोदी ने उत्तराखंड की छात्रा के सवाल पर कहा कि सिर्फ परीक्षा के अंक जिंदगी नहीं हैं. कोई एक परीक्षा पूरी जिंदगी नहीं है. ये एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन यही सब कुछ है, ऐसा नहीं मानना चाहिए. मैं माता-पिता से भी आग्रह करूंगा कि बच्चों से ऐसी बातें न करें कि परीक्षा ही सब कुछ है.
  • पीएम मोदी ने छात्र के सवाल पर कहा कि हम विफलताओं मैं भी सफलता की शिक्षा पा सकते हैं. हर प्रयास में हम उत्साह भर सकते हैं और किसी चीज में आप विफल हो गए तो उसका मतलब है कि अब आप सफलता की ओर चल पड़े हो.
  • पीएम मोदी ने छात्रों को बताया साल 2001 में भारत और ऑस्ट्रेलिया का मैंच का मंजर क्या था.
  • चंद्रयान मिशन को लेकर पीएम ने बच्चों से साझा किया अपना सीक्रेट, कहा मुझे वहां जाने से मना किया गया था कि नहीं जाए क्योंकि निश्चित नहीं है कि वह सफल हो, लेकिन मैंने कहा कि हां, इसलिए मुझे जाना चाहिए.
  • पीएम मोदी ने यहां छात्रों से बात करते हुए कहा कि आपके माता-पिता की तरह मैं भी आपका परिवार हूं. मैं भी वहीं काम कर रहा हूं जो आपके माता-पिता करते हैं, लेकिन मैं एक दोस्त बनकर आप लोगों से बात करता हूं.
  • पीएम मोदी ने यहां छात्रों से बात करते हुए कहा कि ये दशक सभी के लिए काफी महत्वपूर्ण है. देश आज की पीढ़ी पर काफी निर्भर करता है. पहले मैं मुख्यमंत्री रहा और अब आपने ये ये काम (PM)दे दिया, इस दौरान मैं कई कार्यक्रमों में जाता हूं. लेकिन मेरे दिल के करीब है परीक्षा पे चर्चा.
  • पीएम मोदी ने परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम शुरू करते हुए कहा- ‘एक बार फिर आपका ये दोस्त आपके सामने हैं’.
  • केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS)स्कूलों के छात्र कार्यक्रम का संचालन कर रहे हैं.
  •  ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के लिए दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम पहुंचे पीएम मोदी, प्रदर्शनी देख रहे हैं प्रधानमंत्री. #ParikshaPeCharcha pic.twitter.com/wyUQDFrj2F

— TV9 भारतवर्ष (@TV9Bharatvarsh) January 20, 2020

/li>

  • तालकटोरा स्‍टेडियम में ‘परीक्षा पर चर्चा’ कुछ देर में शुरू होने वाली है. PMO ने ट्वीट किया, “स्‍ट्रेस फ्री एग्‍जाम्‍स, लाइफ ऑफ एग्‍जाम्‍स पर इंटरेस्टिंग डिस्‍कशंस और बहुत कुछ आपका इंतजार कर रहा है. आपको जरूर आनंद आएगा.”

  • मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री संजय धोत्रे ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के मद्देनजर ओडिशा, असम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल जाकर छात्रों के साथ विशेष मुलाकात की है. उन्होंने स्कूल में छात्रों के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर छात्रों और शिक्षकों के साथ बातचीत की. धोत्रे ने छात्रों से कहा कि वे किसी भी परीक्षा का दबाव न लें और 20 जनवरी को ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम देखें, जिसमें प्रधानमंत्री देशभर के स्कूली छात्रों के साथ परीक्षा से संबंधित मुद्दों पर बातचीत करेंगे.

ये भी पढ़ें – केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बोले- पैसे की कोई कमी नहीं, सरकार में फैसले लेने की हिम्मत चाहिए

 

Related Posts