रोहिंग्या शरणार्थियों को लेकर शेख हसीना से बोले पीएम मोदी- उनके हित में यही है कि वे लौट जाएं

पहले प्रक्रिया को पूरा होने दीजिए.' दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान कई समझौते भी हुए. इनमें से एक समझौता भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में बांग्लादेश से एलपीजी के आयात का भी है. इसके अलावा ढाका स्थित रामकृष्ण मिशन में विवेकानंद भवन का भी उद्घाटन किया गया.

नई दिल्ली: रोहिंग्या शरणार्थियों के मुद्दे पर भारत-बांग्लादेश की बातचीत हुई. इस दौरान भारत ने साफ किया कि रोहिंग्या शरणार्थी लंबे समय तक किसी दूसरे देश में नहीं रह सकते. बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना से बातचीत करते हुए पीएम मोदी ने इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की.

सरकारी सूत्रों के मुताबिक उन्होंने रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए बांग्लादेश की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की. पीएम मोदी ने कहा कि हमने भी रोहिंग्या शरणार्थियों की सामाजिक-आर्थिक मदद की है और भारत अब तक उन पर 120 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है.


पीएम मोदी ने कहा कि हमें मिलकर रोहिंग्या शरणार्थियों को समझाना होगा कि उनके हित में यही है कि वे म्यांमार वापस लौट जाएं. पीएम मोदी ने कहा कि लंबे समय तक वे दूसरे देश में ऐसी स्थितियों में नहीं रह सकते. इस दौरान शेख हसीना ने पीएम मोदी को बांग्लादेश की ओर से रोहिंग्या शरणार्थियों को वापसी के लिए राजी करने के प्रयासों के बारे में भी जानकारी दी.

सूत्रों के मुताबिक इस दौरान बांग्लादेश ने एनआरसी के मुद्दे को भी उठाया. इस पर भारत सरकार ने कहा है कि अब भी यह प्रक्रिया चल रही है और देखना होगा कि आगे क्या परिस्थितियां पैदा होती हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने मीडिया से बातचीत में बताया, ‘एनआरसी को लेकर हमने यह बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ऐसा चल रहा है. इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता.