PM मोदी ने शेयर किया अमित शाह का वीडियो, कहा-जम्मू कश्मीर को समझना है तो सुनें ये भाषण

PM मोदी ने ट्वीट कर

नई दिल्ली: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव रखा. यह प्रस्ताव लोकसभा और राज्यसभा में पास हो गया.

PM मोदी ने अपने ट्विटर पर गृहमंत्री अमित शाह के भाषण का वीडियो शेयर किया. PM मोदी ने भाषण को शेयर करते हुए लिखा, ‘संसद के दोनों सदनों में केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के भाषण व्यापक और व्यावहारिक थे. जो लोग कश्मीर मुद्दे को स्पष्ट समझना चाहते हैं उन्हें ये भाषण सुनने चाहिए.’

प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद PM मोदी ने ट्वीट कर कहा कि, ‘संसद के दोनों सदनों ने सर्वसम्मति से जम्मू-कश्मीर से संबंधित दो महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए. इन बिलों को अच्छी बहसों के बाद पारित किया गया, इसमें सांसदों ने पार्टी लाइन से परे जाकर इसमें भागीदारी की. PM मोदी ने इसके लिए सभी को धन्यवाद देते हुए कहा कि इसके लिए मैं सभी दलों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं. इस तरह से दोनों दलों का समर्थन होना खुशी की बात है.’

PM मोदी ने एक और ट्वीट कर लिखा, ‘जम्मू और कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक का पारित होना कठुआ, सांबा और जम्मू जिलों के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वालों के लिए न्याय सुनिश्चित करता है. इन क्षेत्रों के उज्ज्वल और प्रतिभाशाली युवाओं की आकांक्षाएं पूरी होंगी, जो कि राज्य के साथ ही हमारे राष्ट्र के लिए अद्भुत है.’

जानिए राज्यसभा में अमित शाह ने क्या-क्या  कहा…

  • जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है. आतंकवाद को हम जड़ से उखाड़ फेंकेंगे. हम विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम किसी के साथ विकास के मामले में कोई ऊंच नीच नहीं करेंगे.
  • कश्मीर की संस्कृति का संरक्षण करेंगे, विपक्ष को कश्मीरी पंडितों की चिंता क्यों नहीं? हमने गांव तक लोकतंत्र को पहुंचाया है.
  • कश्मीरी पंडितों को घर से निकाल दिया गया, उन्हें खदेड़ दिया गया. चुनाव के दौरान कश्मीर में खून का एक कतरा भी नहीं बहा. जम्हूरियत सिर्फ परिवार वालों के लिए ही सीमित नहीं रहनी चाहिए. जम्हूरियत गांव तक जानी चाहिए. चालीस हजार पंच, सरपंच तक जानी चाहिए और ये ले जाने का काम हमने किया.
  • हमारी सरकार अटल जी के रास्ते पर है. जो भारत को तोड़ने वाले हैं हम उन्हें उनकी ही भाषा में जवाब देंगे. जनता हम पर विश्वास करे हम दुश्मनों को देख लेंगे. कश्मीर में दहशत फैलाने की कोशिश को पूरा नहीं होने दिया जायेगा.
  • हमारे पास सरकारों का अकाल नहीं है. सुरक्षा कारणों से जम्मू कश्मीर में चुनाव अभी संभव नहीं है.
  • पीडीपी के साथ हम गठबंधन करें ये हमारा फैसला नहीं था. ये वहां की अवाम का फैसला था. खंडित जनादेश मिला था वहां. जब हमें लगा वहां सर के ऊपर पानी जा रहा है तो हमने तुरंत वहां समर्थन वापस ले लिया.
  • सूफी परंपरा कश्मीरियत का हिस्सा नहीं थी क्या? पूरे देश में सूफियत का गढ़ था कश्मीर, कहां चली गई वो संस्कृति? उनको घरों से निकाल दिया गया. उनके धार्मिक स्थानों को तोड़ दिया गया. सूफी संतों को चुन-चुन कर मारा गया.
  • कश्मीर की आवाम की संस्कृति का संरक्षण हम ही करेंगे. एक समय आएगा जब माता क्षीर भवानी मंदिर में कश्मीर पंडित भी पूरा करते दिखाई देंगे और सूफी संत भी वहां होंगे. मैं निराशावादी नहीं हूं. हम इंसानियत की बात करते हैं.
  • हम नेहरू की छवि नहीं खराब करना चाहते हैं, पर इतिहास की भूलें याद रखनी होगी. नेहरू की नीतियों की वजह से ही आतंकवाद बढ़ा. कश्मीर पर नेहरू ने ऐतिहासिक गलती की. पूरा देश इस सवाल पर जवाब चाहता है.
  • हम इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश नहीं करते. नेहरू कश्मीर मसले को यूएन क्यों ले गए? तुष्टिकरण की नीति ने कश्मीर को बर्बाद कर दिया. घाटी की अवाम का दिल हम जीतेंगे.