‘जो हमसे युद्ध नहीं जीत सकते वो हमारी एकता को दे रहे चुनौती’, लौहपुरुष की 144वीं जयंती पर बोले पीएम

सरदार पटेल की प्रतिमा 'स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी' दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है. यह 182 मीटर ऊंची है.

Sardar Patel Birth Anniversary: संविधान के अनुच्छेद-370 के खत्म होने के बाद लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पहली जयंती धूमधाम से मन रही है. केंद्र सरकार ने कई कार्यक्रम आयोजित किए हैं. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के केवडिया में हैं. यहां उन्‍होंने ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ स्थल पर लौहपुरुष को श्रद्धांजलि दी.

इसके बाद उन्होंने वहां उपस्थित सैकड़ों सरकारी कर्मचारियों को एकता की शपथ दिलाई. इससे पहले मोदी ने ट्वीट किया था, “महान सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर श्रद्धांजलि. देश के प्रति उनका योगदान स्मरणीय है.”

PM Narendra Modi at Statue of Unity on Sardar Patel Birth Anniversary

  • जो हमसे युद्ध नहीं जीत सकते, वे हमारी एकता को चुनौती दे रहे हैं. हमारी एकता में छेद करने की कोशिश करते हैं. वो भूल जाते हैं कि सालों से ऐसी कोशिशें होती आ रही हैं, मगर कोई भी हमारी विविधता में एकता को हरा नहीं सका है. जो हमसे युद्ध में नहीं जीत सकते, वो हमारी इसी एकता को चुनौती दे रहे हैं. लेकिन वो भूल जाते हैं कि सदियों की ऐसी ही कोशिशों के बावजूद, हमें कोई मिटा नहीं सका. जब हमारी विविधताओं के बीच एकता पर बल देने वाली बातें होती हैं, तो इन ताकतों को मुंहतोड़ जवाब मिलता है: प्रधानमंत्री मोदी
  • Sardar Patel Birth Anniversary: 21वीं सदी में भारत की एकता भारत के विरोधियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है. मैं आज राष्ट्रीय एकता दिवस पर, प्रत्येक देशवासी को देश के समक्ष मौजूद ये चुनौती याद दिला रहा हूं. कई आये, कई चले गए- लेकिन बात तो फिर भी यही निकली- ‘कुछ बात है की हस्ती मिटती नहीं हमारी’: पीएम मोदी
  • शताब्दियों पहले, तमाम रियासतों को साथ लेकर, एक भारत का सपना लेकर, राष्ट्र के पुनुरुद्धार का सफल प्रयास करने वाला एक नाम था, वो नाम था चाणक्य का. चाणक्य के बाद अगर ये काम कोई कर पाया तो वो सरदार पटेल ही थे: प्रधानमंत्री मोदी
  • Sardar Patel Birth Anniversary: जब हम विभिन्न पंथों-संप्रदायों की परंपराओं, आस्थाओं का सम्मान करते हैं तो सदभाव-स्नेहभाव में और वृद्धि हो जाती है. इसलिये हमें हर पल, विविधता के हर अवसर को सेलिब्रेट करना है. यही तो नेशन बिल्डिंग है. मैं मानता हूं कि अपनी एकता की इस ताकत का पर्व निरंतर मनाना बहुत आवश्यक है. एकता की ये ताकत ही है जिससे भारतीयता का प्रवाह है, गति है. एकता की ये ताकत ही है जो डॉ बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा लिखित संविधान की प्रेरणा भी है : प्रधानमंत्री मोदी
  • विविधता में एकता हमारा गर्व, गौरव और हमारी पहचान है. हमारे यहां विविधता को सेलिब्रेट किया जाता है. हमें विविधता में विरोधाभास नहीं दिखता बल्कि उसमें अंतर्निहित एकता का सामर्थ्य दिखता है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
  • पूरी दुनिया में अलग-अलग देश, अलग-अलग पंथों, अलग-अलग विचारधाराओं, भाषाओं, रंग-रूप के आधार पर बने हैं. लेकिन हम कभी कभी देखते हैं कि एकरूपता, उन देशों की विशेषता और पहचान रही है. लेकिन भारत की विशेषता है विविधता में एकता, हम विविधताओं से भरे हुए हैं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
  • अब से कुछ देर पहले ही एकता के मंत्र को जीने के लिए, उसके भाव को चरितार्थ करने के लिए, राष्ट्रीय एकता का संदेश दोहराने के लिए राष्ट्रीय एकता दौड़ देश के हर कोने में संपन्न हुई है. देश के अलग-अलग शहरों में, गावों में, अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों ने इसमें हिस्सा लिया है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
  • देश के अलग-अलग कोने से, किसानों से मिले लोहे से, अलग-अलग हिस्सों की मिट्टी से इस प्रतिमा का आधार बना है. इसलिए ये प्रतिमा हमारी विविधता में एकता का भी जीता-जागता प्रतीक है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
  • जिस तरह किसी श्रद्धा स्थल पर आकर एक असीम शांति और ऊर्जा मिलती है, वैसी ही अनुभूति मुझे यहां सरदार साहब के पास आकर होती है. लगता है जैसे उनकी प्रतिमा का भी अपना एक व्यक्तित्व है, सामर्थ्य है और सन्देश है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
  • हम लोगों ने सरदार वल्लभ भाई पटेल के विचार अभी सुनें, उनकी आवाज हमारे कानों में गूंजना, उनके विचारों की वर्तमान में महत्ता, प्रतिपल देश की एकता और अखंडता के बारे में सोचना. उनकी वाणी में जो शक्ति थी और उनके विचारों में जो प्रेरणा था उसे हर हिंदुस्तानी महसूस कर सकता है : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की 144वीं जयंती के मौके पर केवाड़िया में ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.

  • Sardar Patel Birth Anniversary: दिल्‍ली में अमित शाह ने कहा, “धारा 370 को खत्म करके पीएम नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल के अधूरे सपनों को पूरा किया है. सरदार को आज़ादी के कई साल बाद तक उचित सम्मान नहीं मिला लेकिन उनको उचित सम्मान मोदी सरकार ने देने का काम किया है. केवडिया उसका उदाहरण है, जहां आज पीएम उनको श्रद्धासुमन अर्पित करने गए हैं.”
  • अमित शाह राष्ट्रीय राजधानी में हैं जहां वह एक मैराथन में भाग ले रहे हैं. इसके बाद वह मंदिर मार्ग के पास नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय का उद्घाटन करेंगे.

  • पटेल की 144वीं जयंती को ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम के माध्यम से ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में भी प्रचारित किया जा रहा है. इस कार्यक्रम के तहत पूरे भारत में हजारों लोग सड़कों पर उतरेंगे. शीर्ष राजनीतिक नेताओं से लेकर विभिन्न क्षेत्र से जुड़ी हस्तियां इस मैराथन में दौड़ेंगी.
  • अब यह आयोजन नियमित तौर पर हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर किया जाता है. जिसमें भारी संख्या में लोग शामिल होते हैं. मालूम हो कि पिछले साल प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल की जयंती पर उनकी प्रतिमा देश को समर्पित की थी. अब मूर्ति के अनावरण को एक साल पूरा होने के मौके पर एक बार फिर पीएम मोदी वहां पहुंचे हैं.
  • Sardar Patel Birth Anniversary: रविवार को पीएम मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में ‘रन फॉर यूनिटी’ में लोगों से भारी संख्या में भाग लेने का आग्रह किया था. मोदी ने कहा था, “2014 के बाद से 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है. यह दिन किसी भी कीमत पर हमारे देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा की रक्षा करने का संदेश देता है. हर साल की तरह रन फॉर यूनिटी का आयोजन 31 अक्टूबर को किया जा रहा है. समाज के सभी वर्गों के लोग इसमें भाग लेंगे.”
Sardar Patel birth anniversary, ‘जो हमसे युद्ध नहीं जीत सकते वो हमारी एकता को दे रहे चुनौती’, लौहपुरुष की 144वीं जयंती पर बोले पीएम
स्टैचू ऑफ यूनिटी
  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी 31 अक्टूबर को ‘रन फॉर यूनिटी’ को हरी झंडी दिखाएंगे. यह कार्यक्रम राज्य के सभी जिलों में आयोजित किया जाएगा.

दुनिया की सबसे ऊंची सरदार पटेल की इस प्रतिमा की ऊंचाई 182 मीटर है. जिसे खास देश के लोह पुरुष की याद में बनवाया गया है. इस विशाल प्रतिमा को ‘स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी’ का नाम दिया गया है. जिसके परिसर में म्यूजियम, प्रदर्शनी, लेजर लाइट और साउंड शो जैसे अन्य आयोजन ज्यादा सा ज्यादा लोगों को यहां आने और सरदार पटेल के बारे में जानने के लिए प्रेरित करते हैं.

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