सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा, 2 अक्टूबर से शुरू होगा अभियान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में लोगों से प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल नहीं करने और इससे दूर रहने का आग्रह किया

पर्यावरण के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक को अच्छा नहीं बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लोगों व दुकानदारों से प्लास्टिक थैलों का इस्तेमाल पूरी तरह से खत्म करने का आग्रह किया.

लाल किले की प्राचीर से देश को अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण के समक्ष गंभीर खतरा है.

मोदी ने कहा, “क्या हम भारत को सिंगल यूज वाले प्लास्टिक से मुक्त कर सकते हैं? इस तरह के विचार के क्रियान्वयन का समय आ गया है. इस दिशा में काम करने के लिए टीमों को जुटना चाहिए. 2 अक्टूबर तक इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम आना चाहिए.”

नागरिकों से आग्रह करते हुए मोदी ने कहा कि दुकान मालिकों के लिए कपड़े के थैलों से अपना प्रचार करने का बढ़िया अवसर है, “दुकान मालिकों व छोटे उद्यमियों को अपने ग्राहकों को अपनी ब्रांडिग के साथ कपड़े के थैले उपहार में देना शुरू करना चाहिए और अच्छी आदत डालनी चाहिए.”

लोगों से नकद लेन-देन के बजाय डिजिटल लेन-देन को तरजीह देने के लिए कहते हुए मोदी ने दुकानदारों से कहा, “आपके पास पहले से ही आपके दुकान के बाहर एक बोर्ड लगा होता है, जिस पर ‘आज नकद, कल उधार’ लिखा होता है. इसी तरह से डिजिटल भुगतान को ‘हां’ व नकद भुगतान को ‘नहीं’ कहते हुए आप बोर्ड लगा सकते हैं.”

एक साथ चुनाव कराने पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “एक राष्ट्र, एक कर का सपना जीएसटी (वस्तु और सेवा कर) के क्रियान्वयन द्वारा हासिल किया गया है. हमारे राष्ट्र ने बिजली सेक्टर में वन नेशन, वन ग्रिड को भी सफलतापूर्वक हासिल किया है.”

उन्होंने कहा, “आज भारत एक राष्ट्र, एक चुनाव के बारे में बात कर रहा है. इसलिए इस पर चर्चा की जानी चाहिए.”

प्रधानमंत्री ने किसानों से रासायन आधारित उर्वरकों का इस्तेमाल अपने खेतों में कम करने का आग्रह किया है.

संपत्ति सृजन पर जोर देते हुए मोदी ने कहा, “संपत्ति सृजन का कार्य बड़ी राष्ट्र सेवा है. संपत्ति सृजन करने वालों को संदेह की नजर से नहीं देखें.”

जल संरक्षण की चर्चा करते हुए मोदी ने कहा, “जिस तरह से नागरिकों ने स्वच्छ भारत अभियान को अपनाया, उसी तर्ज पर जल संरक्षण करने का समय आ गया है. पानी बचाने के लिए हमें चार गुना कठिन और तेज काम करना होगा.”

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ‘भ्रष्टाचार और काले धन को दूर करने के लिए किए गए हर प्रयास का स्वागत है. इन खतरों ने देश को बीते 70 सालों से बर्बाद किया है. अब हम ईमानदारी को पुरस्कृत करे.’