महाबलीपुरम में पीएम मोदी, …तो क्या इस वजह से पीएम मोदी ने महाबलीपुरम में धारण किए तमिल परिधान
महाबलीपुरम में पीएम मोदी, …तो क्या इस वजह से पीएम मोदी ने महाबलीपुरम में धारण किए तमिल परिधान

…तो क्या इस वजह से पीएम मोदी ने महाबलीपुरम में धारण किए तमिल परिधान

शाम करीब पांच बजे चीनी राष्ट्रपति का स्वागत करने जब पीएम मोदी कार से उतरे तो वह तमिल संस्कृति से सराबोर थे. उन्होंने तमिलनाडु की पारंपरिक ‘करायी वेष्टि’ (हरे रंग के किनारे वाली धोती), अंगवस्त्रम और आधे बाजू की सफेद कमीज पहनी थी.
महाबलीपुरम में पीएम मोदी, …तो क्या इस वजह से पीएम मोदी ने महाबलीपुरम में धारण किए तमिल परिधान

तमिलनाडु के प्राचीन शहर महाबलीपुरम में शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मुलाकात हुई. दोनों की नेता गर्मजोशी के साथ एक दूसरे से मिले. इस मुलाकात में जो सबसे खास बात देखने को मिली वो थी पीएम मोदी का परिधान. अक्सर सूट और कुर्ता पैजामा सदरी में नजर आने वाले पीएम लुंगी में दिखे. इसका मतलब क्या है. आइये इसके पीछे की कहानी को समझा जाए.

शाम करीब पांच बजे चीनी राष्ट्रपति का स्वागत करने जब पीएम मोदी कार से उतरे तो वह तमिल संस्कृति से सराबोर थे. उन्होंने तमिलनाडु की पारंपरिक ‘करायी वेष्टि’ (हरे रंग के किनारे वाली धोती), अंगवस्त्रम और आधे बाजू की सफेद कमीज पहनी थी. पीएम की इस पहल की प्रशंसा पट्टाली मक्कल कच्ची और अन्य ने भी की. यह सीधे तौर पर उन लोगों को जवाब था जो बीजेपी और पीएम मोदी पर आरोप लगाते रहते हैं कि वह उत्तर भारतीय भाषा और संस्कृति को तमिल प्राइड पर थोपते हैं.

अनौपचारिक मुलाकात के कारण चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने भी पूरे बाजू की कमीज और काले रंग का पैंट पहना था. पट्टाली मक्कल कच्ची के संस्थापक एस रामदास ने कहा कि प्रधानमंत्री को तमिलों के पारंपरिक परिधान वेष्टि में देखना हर्ष का विषय है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘दुनिया को तमिल संस्कृति को जानने दो.’ कर्नाटक के संस्कृति और पर्यटन मंत्री सीटी रवि ने ट्वीट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां की संस्कृति और परंपरा का सम्मान किया है. वह तमिल लोगों की वेशभूषा में टहलते हुए बहुत ही सहज दिख रहे थे.

आपको बता दें कि तमिलनाडु में मई 2021 में विधानसभा चुनाव होने हैं. माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी की नजर अपने गठबंधन सहयोगी एआईएडीएमके के जरिए बीजेपी के लिए इस ‘अभेद्य किले’ में पैठ जमाने की होगी. तमिलनाडु बीजेपी की प्राथमिकता सूची में शामिल है क्योंकि हालिया चुनाव में दक्षिण के इस सूबे में मोदी मैजिक काम नहीं कर पाया.

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव पी. मुरलीधर राव के मुताबिक, शिखर वार्ता के लिए तमिलनाडु का चुनाव बीजेपी के लिए भी बेहद मुफीद है. उन्होंने कहा, ‘बीजेपी के बारे में धारणा है कि यह एक हिंदी पार्टी है. मोदी के तमिलनाडु दौरे में इजाफा से यह समझ बढ़ेगी कि सूबा हमारे लिए राजनीतिक तौर पर बहुत महत्वपूर्ण है.’ ऐसे में पीएम मोदी के वेष्टि पहनने को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.

दूसरी ओर, पारंपरिक नजरिए से देखें तो तमिलनाडु में वेष्टि या एक विशेष प्रकार की धोती पुरुषों के मुख्य परिधानों में से एक है. तमिलनाडु के लोगों का वेष्टि के साथ भावनात्मक संबंध है. ऐसे में ऐतिहासिक नगर महाबलीपुरम में हो रही मुलाकात के मौके पर प्रधानमंत्री ने स्थानीय कल्चर को ध्यान में रखते हुए ही इस परिधान को चुना है.

महाबलीपुरम में पीएम मोदी, …तो क्या इस वजह से पीएम मोदी ने महाबलीपुरम में धारण किए तमिल परिधान
महाबलीपुरम में पीएम मोदी, …तो क्या इस वजह से पीएम मोदी ने महाबलीपुरम में धारण किए तमिल परिधान

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