ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने ब्राजील पहुंचे PM Modi, आतंकवाद की कमर तोड़ने पर होगी चर्चा

पीएम मोदी ने कहा कि 'ब्रिक्स सम्मेलन मुझे ब्रिक्स देशों के नेताओं के साथ उपयोगी द्विपक्षीय वार्ता का मौका देगा.'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11वें ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दो दिन की ब्राजील यात्रा पर पहुंच चुके हैं. ब्रिक्स सम्मेलन में इस बार दुनिया की पांच बड़ी अर्थव्यस्थाएं मिलकर कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा करेंगी. इस दौरान डिजिटल इकोनॉमी, विज्ञान और तकनीक साझा करने के साथ ही आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयास पर बातचीत होगी.

‘नवाचार भविष्य के लिए आर्थिक वृद्धि’
पीएम मोदी छठी बार ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे हैं. उनके साथ एक प्रतिनिधि मंडल भी गया है. ब्रिक्स सम्मेलन की इस बार थीम ‘नवाचार भविष्य के लिए आर्थिक वृद्धि’ रखी गई है.

ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ब्रिक्स (BRICS) के सदस्य हैं. ब्रिक्स बिजनेस फोरम में हिस्सा लेने के लिए भारत से एक बिजनेस प्रतिनिधिमंडल के भी मौजूद रहने की संभावना है.

पीएम मोदी ने ट्वीट करके कहा, “मैं इस वर्ष 13 और 14 नवंबर को ब्राजील में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लूंगा. सम्मेलन का थीम ‘नवाचार भविष्य के लिए आर्थिक वृद्धि’ है. मैं ब्रिक्स नेताओं के साथ विविध विषयों पर व्यापक सहयोग के संबंध में चर्चा को लेकर आशान्वित हूं.”

ब्रिक्स व्यापार फॉरम को करेंगे संबोधित
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन से इतर, वह ब्रिक्स व्यापार फॉरम को संबोधित करेंगे. इसके साथ ब्रिक्स व्यापार परिषद और न्यू डवलपमेंट बैंक के अधिकारियों से संवाद करेंगे.

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पीएम मोदी ब्राजील यात्रा के दौरान सदस्य देशों के नेताओं से द्विपक्षीय मुलाकातें करेंगे. इसके बाद ब्रिक्स बिजनेस फोरम की क्लोजिंग सेरेमनी में पीएम मोदी में हिस्सा लेंगे.


पीएम मोदी के ब्राजील रवाना होने से पहले जारी एक बयान में कहा गया कि ‘ब्रिक्स सम्मेलन मुझे ब्रिक्स देशों के नेताओं के साथ उपयोगी द्विपक्षीय वार्ता का मौका देगा.’

बंद दरवाजे के पीछे होगी बैठक
पीएम मोदी 14 नवंबर को दुनिया के अन्य नेताओं के साथ बंद दरवाजे के पीछे होने वाले ब्रिक्स सेशन में हिस्सा लेंगे. इस दौरान दुनिया की समकालीन समस्याओं और राष्ट्रीय संप्रभुता जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी.

गौरतलब है कि बीते दस वर्षो में ब्रिक्स व्यवस्था स्थिरता के साथ आगे बढ़ी है, जिसने विकासशील देशों के बीच एकता, सहयोग व समान विकास को मजबूत करने में बड़ी भूमिका अदा की है.

ये भी पढ़ें-

राष्ट्रपति शासन के बाद भी सरकार गठन की कोशिशें तेज, कौन मारेगा बाजी?

महाराष्‍ट्र में राष्‍ट्रपति शासन लगने के बाद भी सरकार बना सकते हैं BJP, शिवसेना, कांग्रेस, NCP

महाराष्‍ट्र: राष्‍ट्रपति शासन लगते ही BJP का यू-टर्न, राणे बोले- हम बनाएंगे सरकार