पीएम मोदी की बादल थ्योरी तो सुन ली लेकिन याद है लालू का पानी में से बिजली बाहर निकाल लेने वाला ज्ञान

लालू यादव एक बार राजनीतिक दौरे पर थे गाड़ी सरपट रोड पर भाग रही थी. तभी ड्राइवर ने अचनाक गाड़ी रोक दी लालू यादव ने पूछा- क्या हुआ, गाड़ी क्यों रोक दी. ड्राइवर ने जवाब दिया आगे स्पीड ब्रेकर है सर. लालू यादव ने ड्राइवर से कहा- ब्रेकर को पता नहीं है कि गाड़ी में कौन बैठा है?
PM Modi cloud theory and Lalu funniest Statement, पीएम मोदी की बादल थ्योरी तो सुन ली लेकिन याद है लालू का पानी में से बिजली बाहर निकाल लेने वाला ज्ञान

नई दिल्ली: पीएम मोदी ‘बादल थ्योरी’ को लेकर सोशल साइट्स पर ख़ूब चर्चा में हैं लोग उनका मज़ाक बनाते हुए कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री इस तरह की बातें कैसे कर सकते हैं?

प्रधानमंत्री का कहना है कि भारतीय सेना ने बालाकोट हमले के दौरान तकनीकी रूप से बादलों का फ़ायदा उठाया और भारतीय मिराज पाकिस्तान रडार से बच गया. इसी वजह से हम लक्ष्य पर हमला करने में कामयाब हुए.

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान यह बात कही थी. उन्होंने कहा, ‘मैं दिनभर व्यस्त था. रात नौ बजे रिव्यू (एयर स्ट्राइक की तैयारियों का) किया, फिर बारह बजे रिव्यू किया. हमारे सामने समस्या थी, उस समय वेदर (मौसम) अचानक ख़राब हो गया था. बहुत बारिश हुई थी. “विशेषज्ञ (हमले की) तारीख बदलना चाहते थे, लेकिन मैंने कहा कि इतने बादल हैं, बारिश हो रही है तो एक फ़ायदा है कि हम रडार (पाकिस्तानी) से बच सकते हैं, सब उलझन में थे क्या करें. फिर मैंने कहा बादल है, जाइए… और (सेना) चल पड़े…”

पीएम मोदी अपने ज्ञान को लेकर पहले भी ख़बरों में रहे हैं. इससे पहले उन्होंने नाले से गैस बनाने का फर्मूला बताया था जिसको लेकर उनकी खूब खिंचाई की गई थी.

–  10 अगस्त, 2018 को वर्ल्ड बायोफ्यूल डे (विश्व जैवईंधन दिवस) पर पीएम मोदी ने बायोफ्यूल की अहमियत बताते हुए इससे जुड़ी कई रोचक कहानियां सुनाईं थी.

उन्होंने बताया, ‘मैंने एक अखबार में पढ़ा था कि एक शहर में नाले के पास एक व्यक्ति चाय बेचता था. उस व्यक्ति के मन में विचार आया कि क्यों ना गंदी नाले से निकलने वाली गैस का इस्तेमाल किया जाए. उसने एक बर्तन को उल्टा कर उसमें छेद कर दिया और पाइप लगा दिया. अब गटर से जो गैस निकलती थी उससे वो चाय बनाने का काम करने लगा.’

–   इससे पहले 2014 में एक निजी अस्पताल का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि, ‘विश्व को प्लास्टिक सर्जरी का कौशल भारत की देन है. दुनिया में सबसे पहले गणेश जी की प्लास्टिक सर्जरी हुई थी, जब उनके सिर की जगह हाथी का सिर लगा दिया गया था.’

–  5 सितंबर, 2014 को मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश भर के स्कूली बच्चों को क्लाइमेट चेंज पर बात कर रहे थे. असम के एक छात्र ने पर्यावरण में आ रहे बदलावों को लेकर अपनी चिंता जाहिर की और प्रधानंत्री से पूछा कि उनकी सरकार इसे रोकने के लिए क्या कदम उठा रही है. इसपर मोदी ने कहा कि हमारे बुजुर्ग हमेशा यह शिकायत करते हैं कि इस बार पिछले साल से अधिक ठंड है. असल में यह उनकी बढ़ती उम्र और सहने की कम होती शक्ति की वजह से उन्हें ज्यादा ठंड महसूस होती है.

हालांकि पीएम मोदी इकलौते नेता नहीं है जो इस तरह के बयान देते हैं. त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लव देव, पूर्व आईपीएस अधिकारी और केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और राजस्थान के पूर्व शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी भी इस तरह की बयानबाजी को लेकर सोशल साइट्स पर ट्रोल होते रहे हैं.

वर्तमान समय में सोशल साइट्स का चलन है इसलिए कोई भी नेता यहां ट्रोल हो जाते हैं लेकिन जब हमारे देश में मोबाइल का चलन नहीं था तब भी नेता अपनी बयानबाजी को लेकर अख़बारों और टीवी मीडिया में सुर्खियां बटोरते थे.

राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू यादव अपनी बयानबाजी को लेकर ही ख़बरों में रहे हैं. इस लेख में लालू यादव के उन बयानों पर एक नज़र डालते हैं जिनको लेकर मीडिया में ख़ूब चर्चा हुई थी.

लालू यादव का वो बयान जो आपको हंसा-हंसा कर कर देगा लोट-पोट

– लालू यादव एक बार राजनीतिक दौरे पर थे गाड़ी सरपट रोड पर भाग रही थी. तभी ड्राइवर ने अचनाक गाड़ी रोक दी लालू यादव ने पूछा- क्या हुआ, गाड़ी क्यों रोक दी. ड्राइवर ने जवाब दिया आगे स्पीड ब्रेकर है सर. लालू यादव ने ड्राइवर से कहा- ब्रेकर को पता नहीं है कि गाड़ी में कौन बैठा है? इसके बाद गाड़ी के अंदर ठहाके गूंजने लगी.

– बिहार की सड़कें बहुत ख़राब थी तब लालू प्रसाद यादव बार बार कहते थे कि वो फिल्म अभिनेत्री हेमा मालिनी के गाल की तरह पूरे राज्य में सड़के बनवाएंगे. हालांकि जब वो अच्छी सड़क बनाने में सफल नहीं हुए तो उन्होंने गांव के लोगों से कहा कि वो जान-बूझकर सड़क नहीं बनवा रहे.

क्योंकि बड़ी जाति के लोग जूता पहनते हैं तो उन्हें तपती कंक्रीट वाली सड़क पर चलने में दिक्कत नहीं होगी, जबकि पिछड़े समुदाय के लोग जो ख़ाली पांव चलते हैं उन्हें चलने में दिक्कत होगी. इसलिए वो सब जगह मिट्टी की सड़क बनवा रहे हैं जिससे की वो ज़्यादा गर्म न हो और लोगों को नंगे पांव पैदल चलने में तकलीफ न हो.

– एक बार जनसभा को संबोधित करते हुए लालू यादव ने पनबिजली योजना का मज़ाक बनाते हुए कहा था कि अगर बिजली में से पानी निकाल लेंगे तो बचेगा क्या?

– एक बार लालू यादव रांची से पटना प्लेन में जा रहे थे. टीवी न्यूज़ चैनल के पत्रकार भी उनके साथ यात्रा पर थे हर कोई उनका इंटरव्यू करना चाहता था. लालू यादव बारी-बारी से सबको इंटरव्यू दे रहे थे. इसी बीच एक पत्रकार पहुंचे और लालू यादव से रहा नहीं गया तो उन्होंने एयर होस्टेस की ओर इशारा करते हुए कहा- सिस्टर… सिस्टर देखिए हमको कोई काजू नहीं खाने दे रहा, हम इतना महंगा टिकट खरीद कर यात्रा कर रहे हैं.

– लालू ने एक बार कहा था- मेरी मां ने सिखाया है कि भैंसवा को पूंछ से नहीं, बल्कि हमेशा सींग की तरफ से पकड़ो. मैंने जिंदगी में यही सबक अपनाया है.

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