नरेंद्र मोदी ने #Article 370 पर कांग्रेस को घेरा, पाकिस्तान को दी सख्त चेतावनी : भाषण की 8 बड़ी बातें

पीएम मोदी ने बड़ा एलान करते हुए कहा, "अब हम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की व्यवस्था करेंगे. इस पद के गठन के बाद तीनों सेना के शीर्षस्थ स्तर पर एक नेतृत्व मिलेगा. ये एक अहम रिफॉर्म होगा."

पीएम नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) ने Article 370 और 35 A खत्म करने के फैसले का विरोध करने पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया. उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर आतंकवाद को प्रोत्साहन देने वालों को नेस्तनाबूद करने की चेतावनी दी. स्वतंत्रता दिवस ( Independence Day 2019 ) के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित ( PM Narendra Modi Independence Day Speech ) करते हुए प्रधानमंत्री ने कई और बड़े एलान किए.

मोदी ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए पूछा, “अगर ये आर्टिकल 370, 35 ए इतना अहम था, उसी से भाग्य बदलने वाला था तो 70 साल तक इतना भारी बहुमत होने पर भी उसे परामनेंट क्यों नहीं किया. अस्थायी क्यों बनाए रखा.”

उन्होंने देश की आजादी के लिए जान की कुर्बानी देने वालों को याद किया. मोदी ने दूसरे कार्यकाल के 10 हफ्ते के भीतर सरकार के बड़े फैसलों को देशे के सामने रखा. उन्होंने आर्टिकल 370 हटाने का भी जिक्र किया.

मोदी के भाषण के अहम हिस्से ..

अनुच्छेद 370 का हटना, 35 ए का हटना सरदार पटेल के सपनों को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम है. दस हफ्ते के भीतर-भीतर हमारे मुस्लिम माताओं – बहनों को इंसाफ दिलाने के लिए तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाना, आतंकवाद के खिलाफ कानून को नई ताकत देने का काम, हमारे किसान भाई – बहनों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि के तहत 90 हजार करोड़ रुपए किसानों के खाते में ट्रंसफर का काम आगे बढ़ा है.

2014 से 19 , इन पांच साल में प्रयास किया कि हमारे नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी की जरूरतें पूरी हों. आदिवासियों – दलितों, गरीबों और वंचितों के लिए हमने काम किया. 2019 अब नागरिकों के सपनों को साकार करने का कालखंड है. आने वाले पांच साल के कार्यकाल को आगे बढ़ाने का एक खाका तैयार किया है. 2014 में मैं देश के लिए नया था. तब जन सामान्य के मन में एक निराशा थी. लेकिन जब 2019 में पांच साल के कठोर परिश्रम के साथ , दिल – दिमाग में सिर्फ देश की भावना को लेकर चलते रहे और जब जनता के पास गए तो मैं हैरान था. निराशा अब आशा में बदल चुकी थी.

तीन तलाक

जब हम समस्यायों का समाधान देखते हैं तो टुकड़ों में नहीं सोंचते हैं. तकलीफें आएंगी. हमे समस्यायों को जड़ों से मिटाने की कोशिश करनी होगी. हमारी मुस्लिम बेटियां, बहनें डरी हुई जिंदगी जीती थीं. उन्हें समान अधिकार दिलाने के लिए , विकास यात्रा में समान अधिकार देने के लिए हमने अहम फैसला किया. ये निर्णय राजनीति के तराजू में तौलने वाले नहीं होते हैं.

अनुच्छेद 370 और 35 A  – हम समस्यायों को टालते भी नहीं और पालते भी नहीं. जो काम पिछले 70 साल में नहीं हुआ, नई सरकार बनने के बाद 70 दिन के भीतर Article 370 और 35 A को हटाने के काम दोनो सदनों ने दो तिहाई बहुमत से पारित कर दिया. इसका मतलब ये हुआ कि हर किसी के दिल में ये बात थी लेकिन शुरुआत कौन करे, शायद उसी का इंतजार था और देशवासियों ने मुझे ये काम दिया . मैं आपने जो काम दिया है उसे ही करने आया हूं. मेरा अपना कुछ भी नहीं है.

जम्मू – कश्मीर और लद्दाख सुख , समृद्धि और शांति के लिए प्रेरक बन सकता है. उनके पुराने गौरव लौटाने का हम सब प्रयास करें. ये जो नई व्यवस्था बनी है वो सीधे – सीधे नागरिकों के हितों के लिए काम करने के लिए सुविधा पैदा करेगी. अब सीधे सीधे वहां का एक नगारिक भी दिल्ली सरकार से पूछ सकता है. कोई बाधा नहीं आएगी.

मोदी का कांग्रेस पर हमला

राजनीति के गलियारों में चुनाव के तराजू से तौलने वाले कुछ लोग 370 के पक्ष में कुछ न कुछ कहते रहते हैं. जो लोग 370 के पक्ष में वकालत करते हैं, उनसे देश पूछ रहा है. अगर ये आर्टिकल 370, 35 ए इतना अहम था, उसी से भाग्य बदलने वाला था तो 70 साल तक इतना भारी बहुमत होने पर भी उसे परामनेंट क्यों नहीं किया. अस्थायी क्यों बनाए रखा.. लेकिन आप भी जानते थे जो काम हुआ है वो सही नहीं हुआ है लेकिन सुधार की हिम्मत नहीं थी. मेरे लिए देश का भविष्य ही सबकुछ है, राजनीतिक भविष्य कुछ नहीं होता है. One Nationa, One Constitution का सपना साकार हुआ है.

अब एक देश और एक साथ चुनाव पर चर्चा होनी चाहिए. इस पर चर्चा करनी होगी. देश को नई ऊंचाई पर ले जाना है.

आधे घर ऐसे हैं जिन घरों में पीने का पानी उपलब्ध नहीं है. उनको पीने का पानी प्राप्त करने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है. हम आने वाले दिनों में जल जीवन मिशन को लेकर आगे बढ़ेंगे. इसके लिए 3.5 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा रकम इस मिशन के लिए खर्च करेंगे. जल संचय हो, सिंचन हो, समुद्री पानी का ट्रीटमेंट हो, किसानों के लिए माइक्रो इरिगेशन का काम हो, पानी के प्रति सामान्य से सामान्य नागरिक सजग बने

जनसंख्या नियंत्रण पर मोदी

– मेरे प्यारे देशवासियों, अब हमारा देश उस दौर में पहुंचा है जब राजनीतिक नफा नुकसान को देख कर फैसला नहीं करना चाहिए. एक विषय है – बेतहाशा जनसंख्या विस्फोट. ये जनसंख्या विस्फोट हमारे लिए आने वाली पीढ़ी के लिए अनेक नए संकट पैदा करता है. हमारे देश में एक जागरूक वर्ग है जो इसे भलि भांति समझता है.

एक छोटा वर्ग है जो इस समस्या को समझता है. वे शिशु के जन्म से पहले उसके लिए सोचते हैं. हम भी उनसे सीखें. हमारे घर में किसी भी शिशु के आने से पहले सोंचे कि उसकी आवश्यकता की पूर्ति के लिए तैयारी है या नहीं.

एक सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता है. सरकारों को भी भिन्न भिन्न योजनाओं के तहत इस पर सोचना होगा. हम अस्वस्थ, अशिक्षित समाज नहीं सोंच सकते.

‘भ्रष्टाचार एक दीमक’

भ्रष्टाचार एक दीमक की तरह है. ये पुरानी बीमारी की तरह है. मौका मिलते ही दोबारा आ जाती है. वैसे ही ये एक ऐसी बीमारी है जिससे निरंतर लड़ना है. हमने टेक्नोलॉजी यूज किया है. हर स्तर पर इमानदारी और पारदर्शिता की कोशिश हो रही है. हमारी सरकार ने ऐसे अधिकारियों की छुट्टी कर दी है जो गलत काम में लगे थे.

देश आजादी के इतने साल के बाद एक प्रकार से परिपक्व हुआ है. आजादी के 75 साल मनाने जा रहे हैं. मैं अपने अफसरों से बार – बार कहता हूं कि रोजमर्रा की जिंदगी में सरकारी दखल खत्म नहीं कर सकते. धीरे धीरे सरकारें लोगों की जिंदगी से बाहर आए. सरकार का दबाव न हो बल्कि सहायक हो.

इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 100 लाख करोड़ रुपए का निवेश

हमने दस हफ्तों में 60 बेकार कानूननों को खत्म कर दिया है. हम ईज ऑफ लिविंग पर बल देना चाहते हैं. हम ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में भी छलांग लगा रहे हैं. हमें टॉप 50 में आना है. 100 लाख करोड़ रुपए इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किए जाएंगे. चाहे भारतमाला हो या पोर्ट या शैक्षणिक संस्थाएं. हम इस दिशा में तेजी से बढ़ेंगे. रोजगार भी बढ़ेगा.

हम क्लीन एनर्जी पर भी आगे बढ़ेंगे. हमें दुनिया के साथ कदम मिलाकर आगे बढ़ना है. अब तक ये बात होती थी, सरकार ने फलाने वर्ग के लिए क्या किया, फलाने समूह के लिए क्या किया.. उसी के आस-पास सोचते रहे. शायद उस समय की मांग रही होगी.

लेकिन अब किसको क्या मिला, कब मिला , कैसे मिला … इन सबके रहते हुए भी हम सब मिलकर देश को कहां ले जाएंगे, हम सब मिलकर देश के लिए क्या उपलब्धि हासिल करेंगे, इन सपनों को लेकर चलना और जूझना समय की मांग है. और इसीलिए, 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का सपना संजोया है.

हम इसे हासिल करेंगे. मनोवैज्ञानिक दृष्टि से भी हमें ऊंचे निशान रखने चाहिए लेकिन वो हवा में नहीं है. 70 साल की विकास यात्रा में हम दो ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचे. पर पिछले पांच साल में एक ट्रिलियन जोड़ दिया. तो आने वाले पांच साल में 5 ट्रिलियन डॉलर के बराबर की ईकोनॉमी बन सकते हैं.

हम हर जिले को एक्सपोर्ट हब बना सकते हैं. कोई जिला ईत्र बनाता है तो कोई जिला बर्तन के लिए विख्यात है. हम इस विविधता की क्षमता पहचान सकते हैं.

देश की राजनीतिक स्थिरता बड़ी क्षमता है. हमें इस अवसर को जाने नहीं देना चाहिए. हम महंगाई पर नियंत्रण रखते हुए विकास दर को बढ़ा रहे हैं. हमारी अर्थव्यवस्था की बुनियाद बहुत ही मजबूत है. जीएसटी, आईबीसी जैसी व्यवस्था नए रिफॉर्म हैं. वेल्थ क्रिएटर को भी सम्मान की दृष्टि से देखना चाहिए. अगर वेल्थ क्रिएट नहीं होगी तो डिस्ट्रीब्यूट भी नहीं होगी.

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की घोषणा

विकास के लिए शांति और सुरक्षा जरूरी है. दुनिया आज असुरक्षा से घिरी हुई है. विश्व शांति के लिए भारत को अपनी भूमिका निभानी होगी. भारत आतंक फैलाने वालों के खिलाफ मजबूती से लड़ रहा है. विश्व के किसी भी कोने में आतंकवादी घटना मानवता के खिलाफ जंग है.

आतंकवाद को पनाह देने वाले, प्रोत्साहन देने वाले, एक्सपोर्ट करने वाले ताकतों को दुनिया के सामने सही स्वरुप में पेश करना हमारी भूमिका है. बांग्लादेश, अफगानिस्तान, श्रीलंका भी आतंकवाद से जूझ रहा है. इसलिए हमें आतंकवाद के खिलाफ पूरे भू-भाग की सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं.

अफगानिस्तान चार दिनों बाद आजादी का जश्न मनाएगा. मैं आज लाल किले से अफगानिस्तान के मित्रों को शुभकामनाएं देता हूं. आतंकवाद और हिंसा का माहौल बनाने वालों को नेस्तनाबूद करना सरकार की नीति , रणनीति है. हमारी स्पष्टता साफ है.

अब हम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की व्यवस्था करेंगे. इस पद के गठन के बाद तीनों सेना के शीर्षस्थ स्तर पर एक नेतृत्व मिलेगा. ये एक अहम रिफॉर्म होगा.

सिंगल यूज प्लास्टिक खत्म करें

इस दो अक्टूबर को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति दिलाने का संकल्प ले सकते हैं क्या. आइए, मेरे देशवासियों हम इसको आगे बढ़ाएं. हम स्टार्टअप वालों से आग्रह करता हूं कि हम इसके रिसाइकल के लिए क्या करें.

साथ-साथ वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी. मैं सभी दुकानदारों से आग्रह करता हूं.. एक बोर्ड लगा दीजिए.. कृपा करके प्लास्टिक की थैली की अपेक्षा न करें. हम वातावरण बनाएं. हम दिवाली में गिफ्ट देते हैं. इस बार क्यों न कपड़े का झोला गिफ्ट करें. आप डायरी, कैलेंडर देते हैं तो कुछ नहीं होता है. जूट का थैला होगा तो वो जहां ले जाएंगे वहां आपको याद करेंगे.

हमें खेतों में केमिकल फर्टिलाइजर भी धीरे – धीरे खत्म करना होगा. धरती मां को बचाने का काम करना होगा.

स्पेस, टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी हम आगे बढ़ रहे हैं. खेल के मैदानों में मेरे देश के बेटे – बेटियां तिंरगा फहरा रही हैं. देश के खिलाड़ी देश का नाम रौशन कर रहे हैं.