रक्षा उपकरणों की नेगेटिव इम्‍पोर्ट लिस्‍ट जारी होने से पहले पीएम मोदी ने किया था रिव्यू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने करीब 15 दिन तक डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस प्रॉडक्‍शन और डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) का रिव्‍यू किया.
PM Narendra Modi reviewed negative import list, रक्षा उपकरणों की नेगेटिव इम्‍पोर्ट लिस्‍ट जारी होने से पहले पीएम मोदी ने किया था रिव्यू

आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में रक्षा मंत्रालय (Defence Ministry) ने बड़ा फैसला लिया. इसमें रक्षा संबंधित 101 रक्षा उपकरणों के इम्पोर्ट पर रोक लगाई जाएगी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार (9 अगस्त) को इसका ऐलान किया था.

राजनाथ सिंह ने बताया था कि 101 आइटम की लिस्ट में अर्टलिरी गन्स, असाल्ट राइफल, रडार आदि भी शामिल हैं. इन्हें अब भारत में ही बनाया जाएगा. जरूरी रक्षा सामान बनाने के ठेके आने वाले 6-7 सालों में देसी कंपनियों को दिए जाएंगे.

पीएम मोदी ने ली थी पूरी जानकारी

101 रक्षा उपकरणों की यह लिस्‍ट डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स (DMO) ने कम्‍पाइल की थी. इस लिस्‍ट में क्‍या-क्‍या उत्‍पाद होंगे, यह फैसला सेना का था मगर भारत किन चीजों को देश में बना सकता है, इसकी पूरी जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विस्‍तार से ली थी.

प्रपोजल को ग्रीन सिग्नल देने से पहले पूरी रिसर्च

न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्रालय के अलग-अलग विभागों के साथ लंबी चर्चा के बाद, पीएम मोदी ने यह अहम फैसला लिया है. प्रधानमंत्री ने डिफेंस मिनिस्‍ट्री के प्रपोजल को ग्रीन सिग्नल देने से पहले पूरी रिसर्च की थी.

करीब 15 दिन तक का किया रिव्‍यू 

सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने करीब 15 दिन तक डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस प्रॉडक्‍शन और डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) का रिव्‍यू किया. वह यह जानना चाहते थे कि ये डिपार्टमेंट किस तरह काम करते हैं और पिछले कुछ सालों में उन्‍होंने क्‍या क्षमताएं विकसित की हैं.

इसके साथ ही PMO में हुईं बैठकों में प्रधानमंत्री को इन विभागों के अलग-अलग प्रॉजेक्‍ट्स और बड़े कामों की जानकारी दी गई. मिलिट्री हार्डवेयर में किस तरह से स्‍वदेशी को बढ़ावा मिल रहा है, इसकी भी जानकारी प्रधानमंत्री को दी गई.

डिफेंस सेक्रेटरी समेत सीनियर अधिकारी होते थे शामिल 

इन बैठकों में डिफेंस सेक्रेटरी अजय कुमार समेत सीनियर अधिकारी शामिल होते थे. सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी को सूची की स्थिति पर रक्षा स्टाफ के प्रमुख द्वारा सूचित किया गया और यह भी बताया गया कि इस सूची का लगातार रिव्यू किया जाएगा. इसमें और आइटम जोड़े जाएंगे.

निजी क्षेत्रों के सुझावों को भी प्रधानमंत्री के सामने रखा गया था. इन्‍हीं मीटिंग्स के बाद रक्षा मंत्रालय में लिस्‍ट पर काम तेज हुआ और कई उपकरण उसमें जोड़े गए.

नेगेटिव इम्पोर्ट लिस्ट में क्या-क्या शामिल?

नेगेटिव इम्पोर्ट लिस्ट में पानी के जेट फास्ट अटैक क्रॉफ्ट में सर्वेक्षण जहाज, प्रदूषण नियंत्रण वाहिका (PCV), हल्के परिवहन विमान, जीसैट 6 (GSAT-6) टर्मिनल, रडार, मानव रहित हवाई वाहन, कुछ राइफल समेत रक्षा सेवाओं की कई अन्य जरूरी वस्तुएं शामिल हैं. इस सूची में पहियों वाले बख्तरबंद लड़ाकू वाहन (AFV), पनडुब्बियां आदि भी शामिल हैं.

9 अगस्त को गृहमंत्री ने किया था ये ट्वीट

रविवार (9 अगस्त) को गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा था, “मोदी सरकार द्वारा 101 सामानों के आयात पर प्रतिबंध लगाने और चालू वित्त वर्ष के लिए लगभग 52,000 करोड़ रुपये की घरेलू पूंजी खरीद के लिए एक अलग बजट बनाने के फैसले से निश्चित रूप से स्वदेशी रक्षा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा.”

उन्होंने अगले ट्वीट में कहा था, ”101 चीजों के आयात पर प्रतिबंध लगाने के कदम से भारतीय रक्षा क्षेत्र के लिए नए रास्ते खुलेंगे क्योंकि 4,00,000 करोड़ रुपये के अनुबंध रक्षा उपकरण निर्माताओं को दिए जाएंगे.”

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