“कांग्रेस हारी तो देश हार गया क्‍या? अहंकार की भी एक सीमा होती है”, देखें VIDEO भी

मोदी ने चुनाव कराने में शामिल होने वालों और सक्रियता से इसमें भाग लेने वाले लोगों की भूमिका की प्रशंसा की.

नई दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को एक बार फिर कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि वह यह मिथक फैला रही है कि अगर वह चुनाव हारती है तो यह देश का नुकसान है. राज्यसभा में मोदी ने कहा कि कांग्रेस को उसका घमंड खा गया और लोकसभा में हार के बाद उसने आत्मनिरीक्षण करने के बजाय बाहर देखना बेहतर समझा.

उन्होंने कहा, “कांग्रेस 17 राज्यों में एक भी सीट नहीं जीत सकी. और, उसने दावा किया कि देश यह चुनाव हार गया. ऐसे बयान आम चुनावों में वोट देने वाली जनता को दुख पहुंचाते हैं. यह देश की जनता का अपमान भी है.” उन्होंने जोर देकर कहा कि लोगों, युवाओं और वृद्धों ने तेज गर्मी में वोट दिया और 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के बावजूद मतदाताओं का विश्वास नहीं डिगा.

पीएम ने कहा, “इतने बड़े जनादेश को कुछ लोग ये कह दें कि आप चुनाव जीत गए लेकिन देश चुनाव हार गया. मैं समझता हूं कि इससे बड़ा भारत के लोकतंत्र और जनता जनार्दन का कोई अपमान नहीं हो सकता. मैं पूछना चाहूंगा कि क्या वायनाड में हिंदुस्तान हार गया क्या? क्या रायबरेली में हिन्दुस्तान हार गया? क्या बहरामपुर और तिरुवनंतपुरम में हिंदुस्तान हार गया क्या? और क्या अमेठी में हिंदुस्तान हार गया? मतलब कांग्रेस हारी तो देश हार गया क्या? अहंकार की भी एक सीमा होती है.

मोदी ने चुनाव कराने में शामिल होने वालों और सक्रियता से इस प्रक्रिया में भाग लेने वाले लोगों की भूमिका की प्रशंसा की. उन्होंने यह कहने के लिए विपक्ष पर करारा हमला किया कि वोट पाने के लिए किसानों को 2,000 रुपये की सरकारी योजनाओं की रिश्वत दी गई.

उन्होंने कहा, “किसान इस देश का निर्माण खंड है. वे कहते हैं कि किसानों के वोट खरीदे गए. यह देश के 15 करोड़ किसान परिवारों का अपमान है.”

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