शहीद स्क्वाड्रन लीडर की पत्नी का कविता में छलका दुख

हम अपने योद्धाओं को लड़ने के लिए देते हैं पुरानी मशीनें वो फिर भी पूरी ताकत और कौशल से लड़ते हैं फिर से एक जवान शहीद हो गया वो आसमान से ज़मीन पर आ गिरा..   View this post on Instagram   And as he fell from the sky onto the ground, With broken bones […]

  • Piyush Sharma
  • Publish Date - 5:44 am, Fri, 8 February 19

हम अपने योद्धाओं को लड़ने के लिए देते हैं पुरानी मशीनें

वो फिर भी पूरी ताकत और कौशल से लड़ते हैं

फिर से एक जवान शहीद हो गया

वो आसमान से ज़मीन पर गिरा..

ये पंक्तियां लिखी हैं 1 फरवरी को बैंगलोर में क्रैश हुए लड़ाकू विमान मिराज-2000 को उड़ा रहे स्क्वाड्रन लीडर समीर अबरोल की पत्नी गरिमा अबरोल ने. उस दर्दनाक हादसे में  33 साल के समीर की मौत हो गई थी.

गरिमा ने अपने दोस्त और पति को खोने के दुख को इंस्टाग्राम पर साझा करते हुए जो कुछ एक अंग्रेज़ी कविता में लिखा वो उस टीस को फिर उभारता है जो इस देश के कई परिवार बरसों से झेल रहे हैं. सब जानते हैं कि मिग और मिराज के दुर्घटनाग्रस्त होने और उन्हें उड़ा रहे पायलटों के जान खोने का सिलसिला लंबा है.

1 फरवरी को समीर अबरोल अपने कोपायलट सिद्धार्थ नेगी के साथ टेस्टिंग फ्लाइट पर थे. वो दसॉ एविएशन के बनाए गए मिराज-2000 के अपग्रेडेड वर्ज़न का ट्रायल कर रहे थे. इसी दौरान विमान रनवे के पास ही गिरा और जलकर खाक हो गया.

उड़ते ताबूत

भारत के लिए लड़ाकू विमानों की दुर्घटना अब एक आम खबर हो चली है. मिग और मिराज लगातार इस बारे में सवालिया घेरे में रहे हैं.

सोवियत से खरीदे गए मिग विमानों में से आधे तो हादसों का शिकार ही हुए हैं. पांच दशकों से भारत के आसमान की सुरक्षा मिग विमानों के ही हवाले रही है. लगातार हादसों के बाद इन्हेंउड़ते ताबूततक कहा गया. साल 2012 में तत्कालीन रक्षामंत्री ने संसद में जवाब देते हुए बताया था कि 872 में से 482 मिग विमानों को हमने दुर्घटनाओं में खो दिया. हादसों में 171 उच्च प्रशिक्षण प्राप्त पायलटों ने अपनी जान खो दी जबकि 39 आम लोग भी मारे गए.

सुप्रीम कोर्ट में याचिका

बैंगलोर के विमान हादसे पर एक याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर दी है. इसमें अपील की गई है कि भविष्य में ऐसे हादसे ना हों इसके लिए केंद्र सरकार को अदालत उपाय सुनिश्चित करने का आदेश दे. याचिका में हादसे की गहन जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज की अगुवाई में निगरानी समिति बनाने की सिफारिश भी की गई. समिति में भारतीय रक्षा सेवाओं के जानकारों को भी शामिल किया जाएगा. याचिका में लिखा गया है कि भारतीय सेनाओं ने 2015-16 में ही 35 हवाई हादसों की वजह से 45 लोगों को खोया है.