“नीतीश जी होशियार, अब आप रडार पर” महबूबा मुफ्ती की रिहाई पर और क्या बोले राजनेता

दिग्विजय सिंह (Divijay Singh) ने लिखा कि महबूबा जी भी ऐसी शख्सियत हैं, जिसे भाजपा ने समर्थन दे कर जम्मू कश्मीर का मुख्यमंत्री बनाया था. यह लोग किसी के सगे नहीं हैं. “मैं मेरा और अपना” यही इनकी रणनीति है और यही राजनीति है.

महबूबा मुुफ्ती (File Pic)

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (Peoples Democratic Party) की अध्यक्ष व जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) को रिहा कर दिया गया है. महबूबा मुफ्ती ने अब पहला ट्वीट किया है. उन्होंने कहा कि हर कश्मीरी को अनुच्छेद 370 (Article 370) को वापस लेने के लिए लड़ाई लड़नी होगी.

वहीं जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की रिहाई पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आ रही है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने लिखा. महबूबा मुफ़्ती को रिहा किया गया मैं स्वागत करता हूं, लेकिन 1 साल पहले के हालात और 370 हटाने से अब क्या आतंकवाद समाप्त हो गया? क्या कश्मीर के हालातों में कोई सुधार हुआ है? लगता तो नहीं है.

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दूसरे ट्वीट में दिग्विजय सिंह ने लिखा कि महबूबा जी भी ऐसी शख्सियत हैं जिसे भाजपा ने समर्थन दे कर जम्मू कश्मीर का मुख्यमंत्री बनाया था. यह लोग किसी के सगे नहीं हैं. “मैं मेरा और अपना” यही इनकी रणनीति है और यही राजनीति है. बस इनका भला होता रहे बाक़ी जाएं जहन्नुम में. नीतीश जी होशियार ख़बरदार अब आप रडार पर हैं.

भाजपा को ये सीखना बाकी- अशोक गहलोत

वहीं महबूबा की रिहाई पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने ट्वीट किया खुशी है कि जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम और पीडीपी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती जी को रिहा कर दिया गया है. इस तरह राजनीतिक नेताओं को हिरासत में रखने का लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है. भाजपा के नेतृत्व में सरकार को विपक्ष को जगह देना सीखना बाकी है.

महबूबा मुफ्ती की रिहाई पर खुशी

पी चिदंबरम ने ट्वीट किया कि खुशी है कि महबूबा मुफ्ती को 14 महीने की अनुचित हिरासत के बाद आखिरकार रिहा कर दिया गया.

हिरासत लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ कदम

उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया मुझे यह सुनकर खुशी हुई महबूबा मुफ्ती साहिबा को एक साल से अधिक हिरासत में रखने के बाद रिहा किया गया है. उन्हें हिरासत में रखना देशद्रोही कदम और लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है. महबूबा मुफ्ती का स्वागत करते हैं.

गुलाम नबी आजाद बोले-जय हो लोकतंत्र की

परमात्मा को धन्यवाद. महबूबा मुफ्ती को 15 महीने से अधिक समय के बाद जारी किया गया है. ये फारूक साहिब और उमर अब्दुल्ला की तरह ही थी. हमारे देश में सरकार का आदेश. बिना किसी क्राइम के इन दिनों नेताओं को हिरासत में रखा गया. जय हो लोकतंत्र की.

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