पराली या स्थानीय कारक? दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर AAP और बीजेपी आमने-सामने

पड़ोसी राज्यों में जल रही पराली (Stubble Burning) की वजह से दिल्ली में प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ता दिख रहा है. रविवार को राजधानी दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में थी.

delhi-Pollution
दिल्ली में बढ़ रहा प्रदूषण (फाइल फोटो)

पड़ोसी राज्यों में जल रही पराली (Stubble Burning) की वजह से दिल्ली में प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ता दिख रहा है. रविवार को राजधानी दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में थी. बताया गया है कि पराली जलने से पीएम 2.5 का स्तर आगे और तेजी से बढ़ेगा. इस बीच प्रदूषण को लेकर दिल्ली में राजनीति भी शुरू हो गई है. भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि दिल्ली सरकार प्रदूषण को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है.

प्रदूषण की स्थिति पर नजर रख रही एजेंसी ने बताया कि राजधानी में रविवार सुबह वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई और वातावरण में ‘पीएम 2.5’ कणों में पराली जलाने की हिस्सेदारी ‘काफी अधिक’ बढ़ सकती है. वातावरण में शनिवार को कुल ‘पीएम 2.5’ कणों में से 19 फीसदी पराली जलाने की वजह से आए थे जो पहले के मुकाबले बढ़ गए हैं.

भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली सरकार पर साधा निशाना

दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शनिवार को दिल्ली में वायु प्रदूषण के मुख्य कारणों में स्थानीय कारकों को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि आप सरकार यह कहकर केंद्र पर जिम्मेदारी डालने की कोशिश कर रही है कि पंजाब और हरियाणा में पराली जलाना धुंध की मुख्य वजह है.

पढ़ें – खुले में कूड़ा जलाने पर दिल्ली सरकार ने MCD पर लगाया 1 करोड़ का जुर्माना

बीजेपी प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने एक ब्रीफिंग में कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार हुआ है जबकि पीएम 2.5 कणों में 18 प्रतिशत कण पराली जलाने की वजह से आए हैं और पहले के मुकाबले ये बढ़ गये हैं। आईआईटी कानपुर के 2015 के एक अध्ययन में भी कहा गया था कि दिल्ली में वायु प्रदूषण में मुख्य कारक सड़क पर उड़ने वाली धूल (38 प्रतिशत), वाहनों से होने वाला प्रदूषण (20 प्रतिशत) और घरेलू स्रोत (12 प्रतिशत) हैं।

शर्मा ने इसका हवाला देते हुए कहा, ‘इसका आशय है कि दिल्ली के कुल वायु प्रदूषण में 70 प्रतिशत के लिए स्थानीय कारक जिम्मेदार हैं। तो दिल्ली सरकार हमेशा केंद्र सरकार पर प्रदूषण प्रबंधन की जिम्मेदारी डालने के लिए पंजाब और हरियाणा को क्यों कोसती है.’

बता दें कि शून्य और 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 और 300 के बीच ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 और 500 के बीच को ‘गंभीर’ माना जाता है.

Related Posts