‘दिल्ली को मिले साफ हवा’, पराली जलाना रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने गठित की कमेटी

सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा, पंजाब और यूपी में पराली जलने की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए पूर्व जस्टिस मदन बी लोकुर के नेतृत्व में एक सदस्यीय समिति का गठन किया है. इसपर सॉलिस्टर जनरल तुषार मेहता ने आपत्ति जताई.

  • Piyush Pandey
  • Publish Date - 1:44 pm, Fri, 16 October 20
Stubble-Burning
पराली से हो रहा प्रदूषण (फाइल फोटो)

पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण (Stubble Burning Pollution) के मुद्दे पर आज यानी शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इसमें सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जस्टिस मदन बी लोकुर के नेतृत्व में एक सदस्यीय समिति का गठन किया है. इसपर सॉलिस्टर जनरल तुषार मेहता ने आपत्ति जताई. अब कमेटी पंजाब, हरियाणा और यूपी में पराली जलने के मामलों की मॉनिटरिंग करेगी.

जस्टिस लोकुर समिति हरेक 15 दिन में सुप्रीम कोर्ट को पराली जलाने कि गतिविधि रोकने के मसले पर रिपोर्ट देगी. अब मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी.

चीफ जस्टिस बोले – दिल्ली को मिले साफ हवा

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि संबंधित राज्य सरकारें जस्टिस लोकुर समिति को उचित सुविधा मुहैया कराएंगी, जिसमें सेक्रेट्रिएट, सुरक्षा और फाइनेंशियल सुविधाएं शामिल हैं. राज्यों के तर्कों पर चीफ जस्टिस ने यह भी कहा कि राज्य कह रहे हैं कि पराली जलाने से दिल्ली में प्रदूषण नहीं हो रहा तो आखिर क्यों हो रहा है. यह जानना जरूरी है. हम चाहते हैं कि एनसीआर में लोगों को सांस लेने के लिए स्वच्छ हवा मुहैया हो.

दिल्ली में प्रदूषण की वजह हम नहीं: पंजाब सरकार

कोर्ट में पंजाब सरकार ने कोर्ट में कहा कि दिल्ली में प्रदूषण की वजह वे नहीं हैं क्योंकि उनकी तरफ से अदालत के हरेक निर्देश का अक्षरश: अनुपालन हो रहा है. वहीं यूपी, हरियाणा ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है. याचिकाकर्ता ने ही पूर्व न्यायाधीश मदन बी लोकुर की नियुक्ति की गुजारिश की थी. जिसपर कोर्ट तैयार हो गया.

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पंजाब ने बताया कि मोबाइल टीमें तैयार करके पराली जलाने कि गतिविधि को रोका जा सकता है. लगातार पेट्रोलिंग से ही यह गतिविधि रोकी जा सकी है. पंजाब सरकार ने कहा कि इस गतिविधि पर रोक लगाने को 8000 नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं. हम पूरी व्यवस्था कर रहे हैं

अब सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जस्टिस मदन बी लोकुर की निगरानी कमेटी का गठन किया है. पंजाब, हरियाणा और यूपी के चीफ सेक्रेटरी जस्टिस लोकुर को सहयोग करेंगे. ये कमेटी फिजिकल सर्वे करेगी. एनसीसी/ एन एस एस और भारत स्काउट गाइड को निरीक्षण का जिम्मा देने को भी कहा गया है.

सॉलिसिटर जनरल ने जताई आपत्ति

सुनवाई खत्म होने के बाद सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस लोकुर की नियुक्ति पर एतराज जताया. उन्होंने कहा हमारी कुछ आपत्ति है और हम एप्लीकेशन फाइल करेंगे. सॉलिसिटर जनरल ने आदेश जारी करने से पहले उन्हें सुने जाने की मांग की थी. लेकिन कोर्ट ने यह मांग ठुकरा दी थी.