जल रही पराली का असर, ‘बहुत खराब’ हुई दिल्ली-एनसीआर की हवा-AQI 300 पार

कोरोना काल में प्रदूषण दिल्ली-एनसीआर (Pollution in Delhi) वासियों की परेशानी आगे और बढ़ानेवाला है, यह साफ-साफ दिख रहा है. अक्टूबर महीने में ही दिल्ली की हवा 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंच गई है.

Pollution in Delhi
'बहुत खराब' हुई दिल्ली की हवा (फाइल फोटो)

कोरोना काल में प्रदूषण दिल्ली-एनसीआर (Pollution in Delhi) वासियों की परेशानी आगे और बढ़ानेवाला है, यह साफ-साफ दिख रहा है. अक्टूबर महीने में ही दिल्ली की हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है. राजधानी दिल्ली में बुधवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 306 दर्ज किया गया जो कि ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है. इस मौसम में पहली बार हवा की गुणवत्ता इतनी खराब हुई है.

मंगलवार को भी स्थिति ऐसी ही थी. नोएडा की बात करें तो वहां एक्यूआई दिल्ली (Pollution in Delhi-NCR) से भी ज्यादा, 336 है. बता दें कि 0 और 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 और 300 के बीच ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 और 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है.

पराली समेत इन वजहों से बढ़ रहा दिल्ली-एनसीआर का प्रदूषण

दिल्ली-एनसीआर का प्रदूषण (Pollution in Delhi-NCR) बढ़ने के पीछे बहुत से कारण बताए जा रहे हैं. पड़ोसी राज्यों में पराली जलना भी इसमें से एक है. इसके साथ-साथ हवा की गति कम होने और तापमान कम होने के चलते प्रदूषक तत्त्वों का हवा में जमा होना भी प्रदूषण बढ़ने की वजह है. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के अनुसार, पंजाब, हरियाणा और पाकिस्तान के नजदीकी क्षेत्रों में खेतों में पराली जलाने की घटना में वृद्धि भी दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता को प्रभावित करने वाली है.

नासा के कृत्रिम उपग्रह द्वारा ली गई तस्वीरों के मुताबिक, पंजाब के अमृतसर और फिरोजपुर और हरियाणा के पटियाला, अंबाला और कैथल के पास बड़े पैमाने पर आग जलती हुई दिखाई दी.

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दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटना बढ़ गई है. इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स कम है. वेंटिलेशन इंडेक्स वह गति है जिस पर प्रदूषक पदार्थ फैल सकते हैं, हवा की 10 किमी प्रति घंटे से कम की औसत गति के साथ 6000 वर्गमीटर प्रति सेकंड से कम का वेंटिलेशन इंडेक्स प्रदूषकों के बिखरने के लिए प्रतिकूल होता है.

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मंगलवार को दिल्ली के वजीरपुर में एक्यूआई 380, विवेक विहार में 355 और जहाँगीरपुरी में 349 रही, जहां सबसे अधिक प्रदूषण का स्तर दर्ज किया गया. इससे पहले सोमवार को 24 घंटे का औसत एक्यूआई 261 रहा, जो फरवरी के बाद से सबसे खराब था. यह औसत रविवार को 216 और शनिवार को 221 दर्ज किया गया था.

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