करकरे पर घिरी प्रज्ञा ठाकुर, 24 घंटे में नहीं दी सफाई तो EC करेगा कार्रवाई

मुंबई हमले में शहीद हेमंत करकरे पर बयान देकर प्रज्ञा ठाकुर घिर गईं. एक तरफ चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भेजा है तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने मुकदमा दर्ज करा दिया है.

नई दिल्ली: शहीद हेमंत करकरे(Hemant Karkare) पर दिए विवादित बयान पर प्रज्ञा सिंह ठाकुर(Pragya Thakur) को नोटिस जारी किया गया है. जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर पी सुदाम खाडे ने यह नोटिस जारी किया है. जिला निर्वाचन अधिकारी ने शहीद करकरे के बयान पर प्रज्ञा सिंह ठाकुर से स्पष्टीकरण मांगा है. प्रज्ञा सिंह ठाकुर को आदर्श आचार सहिंता के उल्लंघन के तहत नोटिस जारी किया गया है. इस नोटिस पर प्रज्ञा से एक दिन के अंदर जवाब देने को कहा गया है और एक दिन में अगर जवाब नहीं दिया गया तो प्रज्ञा पर एक पक्षीय कर्रवाई भी हो सकती है. उधर प्रज्ञा ठाकुर की मुसीबत इंदौर के एक कांग्रेस नेता देवेंद्र सिंह यादव ने भी बढ़ा दी है. यादव ने करकरे पर आपत्तिजनक बयान देने के मामले में प्रज्ञा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है.

प्रज्ञा ने कही थी ये बात

प्रज्ञा ने कोलार क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से बात करते हुए शुक्रवार को कहा था कि ‘उन दिनों वह मुंबई जेल में थीं. जांच आयोग ने सुनवाई के दौरान एटीएस के प्रमुख हेमंत करकरे को बुलाया और कहा कि जब प्रज्ञा के खिलाफ कोई सबूत नहीं है तो उन्हें छोड़ क्यों नहीं देते.’प्रज्ञा के मुताबिक, इस पर हेमंत करकरे ने उनसे कई तरह के सवाल पूछे, जिस पर उन्होंने जवाब दिया कि “यह भगवान जाने.” इस पर करकरे ने कहा था कि “तो, क्या मुझे भगवान के पास जाना होगा?”

प्रज्ञा ने कहा, “उस समय मैंने करकरे से कहा था कि तेरा सर्वनाश होगा, उसी दिन से उस पर सूतक लग गया था और सवा माह के भीतर ही आतंकवादियों ने उसे मार दिया था.” उन्होंने कहा कि हिदू मान्यता है कि परिवार में किसी का जन्म या मृत्यु होने पर सवा माह का सूतक लगता है. जिस दिन करकरे ने सवाल किए, उसी दिन से उस पर सूतक लग गया था, जिसका अंत आतंकवादियों द्वारा मारे जाने से हुआ.

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