संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी हंगामा करने वाले सांसदों के खिलाफ लाएंगे निलंबन का प्रस्ताव

सुबह 9 बजे राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी नियम 256 के तहत दोषी सांसदों के खिलाफ निलंबन का प्रस्ताव पेश करेंगे.

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मानसून सत्र (monsoon session) के दौरान रविवार को राज्यसभा (Rajyasabha) में हंगामा करने वाले विपक्षी सांसदों के खिलाफ संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी (Pralhad Joshi) राज्यसभा में निलंबन का प्रस्ताव लाएंगे. सूत्रों के अनुसार सुबह 9 बजे राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी नियम 256 के तहत दोषी सांसदों के खिलाफ निलंबन का प्रस्ताव पेश करेंगे.

राज्यसभा में रविवार को हुए हंगामे को लेकर सत्ताधारी राजग और विपक्षी दलों के बीच सियासी घमासान और बढ़ने की उम्मीद है. सूत्रों के मुताबिक विपक्षी दलों के नोटिस देने के थोड़ी देर बाद कुछ केंद्रीय मंत्री राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू के आवास पर पहुंचे और विपक्षी सांसदों द्वारा कथित तौर पर किये गए अमर्यादित आचरण और हंगामे के पूरे प्रकरण से उन्हें अवगत कराया. उप-सभापति के खिलाफ नोटिस देने वाले दलों में कांग्रेस, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति, भाकपा, माकपा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, नेशनल कॉन्फ्रेंस, द्रमुक और आम आदमी पार्टी शामिल हैं.

”वे खुद को ‘बादशाह’ मानते हैं, हम धमकियों से डरने वाले नहीं”

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने रविवार को राज्यसभा में विपक्ष के व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा कि वे लोग खुद को ‘बादशाह’ मानते हैं. जोशी ने राज्यसभा में हुए हंगामे के बाद कहा, “विपक्ष ने आज संसद में असहिष्णुता की अति की है. हम विपक्ष के अनियंत्रित व्यवहार की निंदा करते हैं और हम इस तरह की धमकियों से डरने वालों में से नहीं हैं.”

मालूम हो कि रविवार को राज्यसभा में कृषि संबंधी दो विधेयकों के पारित होने के दौरान उस समय हंगामा हो गया जब सदस्यों ने सदन की कार्यवाही का संचालन कर रहे उपसभापति हरिवंश पर कागज फेंके.

कुछ विपक्षी सदस्य अधिकारियों की टेबल पर खड़े नजर आए और सभापति के आसन के सामने लगा माइक भी तोड़ दिया क्योंकि उनका आरोप था कि विधेयक को प्रवर समिति को भेजे जाने के उनके प्रस्ताव पर मत विभाजन की मांग की अनदेखी की गई. विपक्षी दलों के हंगामे के बीच विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिये गए.

उपसभापति के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव

खेती किसानी से जुड़े दो बिल रविवार को राज्यसभा में पास तो हो गए, लेकिन इनको लेकर सदन में विपक्ष ने काफी हंगामा काटा. वहीं अब राज्यसभा अध्यक्ष वेंकैया नायडू विपक्ष के उन संसद सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं, जिन्होंने कृषि बिलों को लेकर उच्च सदन में हंगामा किया. इसके उलट विपक्षी दलों ने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया है.

मालूम हो कि राज्यसभा में विपक्ष के लगातार विरोध के बीच कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020 और कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 ध्वनिमत से पारित हो गए.

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