अवमानना मामला: प्रशांत भूषण ने जमा किया 1 रुपए जुर्माना, कहा-इसका मतलब ये नहीं कि हमें फैसला स्वीकार

प्रशांत भूषण (Prashant Bhushan) सोमवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)पहुंचे और ड्राफ्ट के माध्यम से उन्होंने जुर्माने की एक रुपये राशि का भुगतान किया.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 7:01 pm, Mon, 14 September 20

अवमानना मामले में वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण (Prashant Bhushan) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में एक रुपये का जुर्माना जमा कर दिया. प्रशांत भूषण (Prashant Bhushan) सोमवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)पहुंचे और ड्राफ्ट के माध्यम से उन्होंने जुर्माने की एक रुपये राशि का भुगतान किया. इससे पहले प्रशांत भूषण ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि वह कोर्ट के फैसले को स्वीकार कर रहे हैं. प्रशांत भूषण ने कहा कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की है.

इससे पहले प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में शनिवार को एक याचिका दायर करते हुए मांग की कि आपराधिक अवमानना मामलों में सजा के खिलाफ उन्हें अपील का अधिकार मिले. साथ ही इस मामले की सुनवाई एक बड़ी और अलग पीठ करे. यह याचिका उनकी वकील कामिनी जायसवाल के माध्यम से याचिका दायर की गई है. भूषण ने शीर्ष अदालत से निर्देश जारी करने का आग्रह किया है कि याचिकाकर्ता सहित आपराधिक अवमानना के लिए दोषी पाए गए व्यक्ति को एक बड़ी और अलग पीठ द्वारा सुनवाई के लिए अंतर-अदालत में अपील का अधिकार होना चाहिए. याचिका में कहा गया है कि शीर्ष अदालत को मूल आपराधिक अवमानना मामलों में सजा के खिलाफ अंतर-अदालत में अपील के लिए नियम और दिशा-निर्देश जारी करना चाहिए.

‘मौलिक अधिकार है अपील का अधिकार’

इस याचिका में कहा गया है कि अपील का अधिकार संविधान के तहत एक मौलिक अधिकार है और अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत इसकी गारंटी भी है. शीर्ष अदालत ने 31 अगस्त को भूषण को न्यायपालिका के खिलाफ दो ट्वीट करने के लिए दोषी ठहराया था और उन पर एक रुपये का जुर्माना लगाया था.

कोर्ट ने क्या सुनाया था फैसला

फैसले के अनुसार, 15 सितंबर तक जुर्माना नहीं दिए जाने की स्थिति में भूषण को तीन महीने की जेल हो सकती है और तीन साल के लिए उन्हें वकालत से निलंबित भी किया जा सकता है. भूषण ने यह कहते हुए पीछे हटने या माफी मांगने से इनकार कर दिया था कि यह उनकी अंतरात्मा और न्यायालय की अवमानना होगी.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में प्रशांत भूषण को सुप्रीम कोर्ट और भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की आलोचना करने वाले अपने ट्वीट के लिए आपराधिक अवमानना ​​का दोषी ठहराया गया था.अदालत ने 31 अगस्त को सजा के रूप में एक रुपए का टोकन जुर्माना लगाया था.