सिटिजनशिप बिल पर जेडीयू के समर्थन से ‘निराश’ प्रशांत किशोर, फैसले को बताया पार्टी लीडरशिप के खिलाफ

सोमवार को लोकसभा में जेडीयू सांसद राजीव रंजन सिंह ने नागरिकता संशोधन विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि यह विधेयक किसी भी तरह से धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ नहीं है.

सोमवार देर रात लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill 2019) पास हो गया है. जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने वोटिंग के दौरान बिल के पक्ष में वोट किया है. लेकिन दूसरी तरफ जेडीयू के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने इसका विरोध किया है.

प्रशांत किशोर ने पार्टी लाइन से हटते हुए कैब को सर्थन देने के पार्टी के फैसले को निरशाजनक बताया. उन्होंने इसे पार्टी के संविधान के खिलाफ बताया है.

प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर अपना वरोध जताया है, उन्होंने कहा, “वह यह देखकर काफी निराश हैं कि जेडीयू नागरिकता संशोधन बिल का समर्थन कर रही है, जो धर्म के आधार पर नागरिकता के अधिकार में भेदभाव करता है. कैब को समर्थन देना पार्टी के संविधान के भी खिलाफ है जिसमें पहले ही पन्ने पर धर्मनिरपेक्षता शब्द तीन बार लिखा है. इसके अलावा यह पार्टी की लीडरशिप के भी विपरीत है जो गांधी के आदर्शों पर चलती है.”

मालूम हो कि सोमवार को लोकसभा में जेडीयू सांसद राजीव रंजन सिंह ने नागरिकता संशोधन विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि यह विधेयक किसी भी तरह से धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ नहीं है. उन्होंने कहा कि इस विधेयक को लेकर पूर्वोत्तर के लोगों को कुछ शंकाएं थीं, लेकिन अब इन शंकाओं को भी दूर कर दिया गया है. जो लोग इतने समय से न्याय की आस लगाए हुए थे, उनको इससे बड़ी राहत मिलेगी.

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