मॉब लिंचिंग पर दुख, लेकिन झारखंड को बदनाम न करें… पढ़ें पीएम मोदी ने राज्‍यसभा में क्‍या-क्‍या कहा

पीएम मोदी राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण का जवाब देते हुए विपक्ष पर जमकर बरसे.

नई दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राज्‍यसभा को संबोधित किया. अपने भाषण में उन्‍होंने एनआरसी से लेकर झारखंड लिंचिंग तक का जिक्र किया. कांग्रेस के ‘ओल्‍ड इंडिया’ वापस मांगने की बात पर पलटवार भी किया. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने एक शेर भी पढ़ा.

  • आयुष्मान भारत योजना का देश को बड़ा फायदा हुआ है
  • पटेल यदि पहले प्रधानमंत्री होते तो कश्मीर समस्या नहीं होती
  • क्या झारखंड को मॉब लिंचिंग मामले में दोषी बता देना ठीक बात है?
  • पिछले दिनों बिहार के चमकी बुखार की चर्चा हुई है. आधुनिक युग में ऐसी स्थिति हम सभी के लिए दु:खद और शर्मिंदगी की बात है. इस दु:खद स्थिति में हम राज्य के साथ मिलकर मदद पहुंचा रहे हैं. ऐसी संकट की घड़ी में हमें मिलकर लोगों को बचाना होगा
  • “एनआरसी का क्रेडिट कांग्रेस को भी लेनी चाहिए. राजीव गांधी सरकार ने असम एकॉर्ड में एनआरसी को स्वीकार किया था. हमें सुप्रीम कोर्ट ने आदेश किया तो हम उसे लागू कर रहे हैं. आप भी क्रेडिट लीजिए न. वोट भी लेना है और क्रेडिट भी नहीं लेना. आधा बोलना और आधा न बोलना ऐसा न कीजिए” : पीएम मोदी
  • “सबका साथ सबका विकास का मंत्र लेकर हम चले थे लेकिन 5 साल के हमारे कार्यकाल को देखकर देश की जनता ने उसमें सबका विश्वास रुपी अमृत जोड़ा है. लेकिन आजाद साहब को कुछ धुंधला नजर आ रहा है, जब तक राजनीतिक चश्मे से सब देखा जायेगा तो धुंधला ही नजर आएगा और इसलिए अगर हम राजनीतिक चश्में उतारकर हम देखेंगे तो देश का भविष्य नजर आएगा. शायद इसीलिए ग़ालिब ने कहा था कि ‘ताउम्र ग़ालिब ये भूल करता रहा, ताउम्र ग़ालिब ये भूल करता रहा, धूल चेहरे पर थी और मैं आइना साफ़ करता रहा'” : पीएम मोदी
  • “क्या हमें वो ओल्ड इंडिया चाहिए जो टुकड़े-टुकड़े गैंग को सपोर्ट करने के लिए पहुंच जाए? जहां इंस्पेक्टर राज हो, जहां इंटरव्यू के नाम पर भ्रष्टाचार हो? जहां पत्रकार वार्ता में कैबिनेट के निर्णय को फाड़ दिया जाए, जहां पूरी नौसेना को सैर सपाटे के लिए इस्तेमाल लिया जाए. जहां जल थल और नभ हर जगह घोटाले ही घोटाले हों, लेकिन देश की जनता हिन्दुस्तान को पुराने दौर में ले जाने के लिए कतई तैयार नहीं है. देश की जनता अपने सपनों के अनुरूप नए भारत की प्रतीक्षा कर रही है और हम सभी को सामूहिक प्रयासों से सामान्य मानवी के सपनों को पूरा करने का प्रयास करना चाहिए.” : पीएम मोदी
  • “कभी सदन में हम भी 2 रह गए थे. हमको 2 या 3 बस, कहकर बार-बार हमारी मजाक उड़ायी जाती थी लेकिन हमें कार्यकर्ताओं पर भरोसा था, देश की जनता पर भरोसा था. हममें परिश्रम करने की पराकाष्ठा थी और इससे हमने फिर से पार्टी को खड़ा किया. हमने ईवीएम पर दोष नहीं दिया था. कांग्रेस की कुछ न कुछ ऐसी समस्या है कि ये विजय को भी नहीं पचा पाते और 2014 के बाद से मैं देख रहा हूं कि ये पराजय को भी स्वीकार नहीं कर पाते” : पीएम मोदी
  • “ये तक कह दिया कि देश का किसान बिकाऊ है. दो-दो हजार रुपये की योजना के कारण किसानों के वोट खरीद लिए गए. मैं मानता हूं कि मेरे देश का किसान बिकाऊ नहीं हो सकता. ऐसी बात कहकर देश के करीब 15 करोड़ किसान परिवारों को अपमानित किया गया है. 55-60 वर्ष तक देश को चलाने वाला एक दल 17 राज्यों में एक भी सीट नहीं जीत पाया तो क्या इसका मतलब ये हुआ कि देश हार गया?” : पीएम मोदी
  • “इतने बड़े जनादेश को कुछ लोग ये कह दें कि आप चुनाव जीत गए लेकिन देश चुनाव हार गया. मैं समझता हूं कि इससे बड़ा भारत के लोकतंत्र और जनता जनार्दन का कोई अपमान नहीं हो सकता. मैं पूछना चाहूंगा कि क्या वायनाड में हिंदुस्तान हार गया क्या? क्या रायबरेली में हिन्दुस्तान हार गया? क्या बहरामपुर और तिरुवनंतपुरम में हिंदुस्तान हार गया क्या? और क्या अमेठी में हिंदुस्तान हार गया? मतलब कांग्रेस हारी तो देश हार गया क्या? अहंकार की भी एक सीमा होती है” : पीएम मोदी
  • “2019 का चुनाव एक प्रकार से दलों से परे देश की जनता लड़ रही थी. जनता खुद सरकार के कामों की बात लोगों तक पहुंचाती थी. जिसे लाभ नहीं मिला वो भी ये बात करता था कि उस व्यक्ति को लाभ मिल गया है अब मुझे भी मिलने वाला है. इस विश्वास की एक अहम विशेषता है” : पीएम मोदी
  • “पहले से अधिक जनसमर्थन और विश्वास के साथ हमें दोबारा देश की सेवा करने का अवसर देशवासियों ने दिया है. मैं सबका आभार प्रकट करता हूं. दशकों बाद देश ने एक मजबूत जनादेश दिया है, एक सरकार को दोबारा फिर से लाए हैं और पहले से अधिक शक्ति देकर लाए हैं. भारत जैसे लोकतंत्र में हर भारतीय के लिए गौरव का विषय है कि हमारा मतदाता कितना जागरुक है. देश के लिए निर्णय करता है, यह चुनाव में साफ साफ नजर आया” : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
  • ईवीएम को लेकर सवाल उठाए जाते हैं लेकिन कभी हम भी सदन में केवल 2 रहे हैं और 2 या 3 बोलकर हमारा मजाक उड़ाया जाता था
  • EVM को लेकर भी इस चुनाव में तरह-तरह के बहाने किए गए
  • हम जानते हैं कि राज्य सभा में हमारा बहुमत नहीं है. लेकिन इसलिए देश की जनता जनार्दन ने जो जनादेश दिया है उसका अपमान नहीं किया जाना चाहिए
  • एक देश एक चुनाव पर सभी को मिकर खुले दिल से चर्चा करनी चाहिए
  • देश का मतदाता राज्यसभा पर नज़र रखकर भी वोट कर रहा है
  • देश के बहुत सारे लोग अभाव, प्रभाव, दबाव की वजह से पिछड़ गए